जासं, मैनपुरी: गुरुवार को जिलाधिकारी ने विकास भवन के अंबेडकर सभागार में मिशन इंद्रधनुष की समीक्षा की। इस दौरान टीकाकरण की खराब प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही इस लापरवाही के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिरक्षण पर कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखा है। जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने समीक्षा के दौरान पाया कि जिले में अब भी तीन फीसद बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें अब तक कोई भी टीका नहीं लगवाया गया है। इसमें सबसे अधिक छह-छह फीसद बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी व सुल्तानगंज में है। जानकारी करने पर पता चला कि सुल्तानगंज में 28 केंद्रों पर 54 एएनएम तैनात हैं। जबकि किशनी, मैनपुरी अर्बन सहित कई स्वास्थ्य केंद्रों पर एएनएम तैनात नहीं हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा कई बार रिक्त केंद्रों पर एएनएम की तैनाती के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा गया। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके गुप्ता को दो दिन में सभी रिक्त केंद्रों पर एएनएम की तैनाती कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पूरे वर्ष किसी भी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सत्र आयोजित न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। इस पर उन्होंने सीएमओ डॉ. एके गुप्ता और एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. अश्वनी अरोरा के विरुद्ध प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को कार्रवाई के लिए लिखे जाने के आदेश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता व सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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