जासं, मैनपुरी: भले ही मौसम ने गर्मी से राहत दिलाई हो, लेकिन बीमारियों से फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। चौबीस घंटे में जिले में दो लोगों की बुखार से उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि पांच मरीजों में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई है। शहर के कई इलाकों में बुखार के मरीज बढ़े हैं। ज्यादातर लोग प्राइवेट नर्सिंग होम और क्लीनिक पर अपना उपचार करा रहे हैं।

अगस्त के पहले पखवाडे़ से शुरू हुआ बुखार का कहर अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। मौतों का यह आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ रहा है। शहर की आवास विकास कालोनी के सेक्टर नंबर एक निवासी राजेश्वरी देवी (60) पत्नी स्व. रघुनाथ दो दिन से बुखार से बीमार थीं। प्राइवेट लैब में जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई थी। बुधवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

कस्बा ज्योंती निवासी हरिओम शाक्य (30) पुत्र नेत्रपाल शाक्य भी कुछ दिनों से बुखार से बीमार चल रहे थे। स्वजन निजी चिकित्सक से उपचार दिला रहे थे। उपचार के दौरान बुधवार रात उनकी भी मौत हो गई। जिले में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा दो दर्जन के पार पहुंच चुका है। गुरुवार को पांच नए मरीजों में डेंगू बुखार जैसे लक्षणों की पुष्टि होने के बाद उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। शहर में बुखार की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। आवास विकास कालोनी, देवपुरा, पंजाबी कालोनी, राधा रमन रोड, हंस नगर, शिवनगर कालोनी, बंशीगौहरा, हरिदर्शन नगर, राजीव गांधी नगर, आश्रम रोड, देवी रोड, पुरानी मैनपुरी, नगरिया समेत कई कालोनियों में बुखार के मरीज हैं। प्लेटलेट्स कम होने पर न घबराएं

सीएमओ डा. पीपी सिंह का कहना है कि जांच के दौरान यदि प्लेटलेट्स की संख्या में कमी आती है तो इसे लेकर परेशान न हों। किसी भी बीमारी में हमारे शरीर की प्लेटलेट्स कम होने लगती हैं। जब हम मानसिक तनाव लेते हैं तो बीमारी जोर पकड़ती है। हमें सिर्फ एक बात का ध्यान रखना है कि किसी भी सूरत में बुखार न बढ़ने दें। यदि बुखार तेज है तो ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखें या फिर नहाएं। सामान्य पैरासिटामोल टेबलेट का सेवन करने के बाद तत्काल जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें।

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