दृश्य एक : शहर का ईशन नदी तिराहा डग्गामार वाहनों का अड्डा बन चुका है। राधा रमन रोड वाले रास्ते को डग्गामार बसों ने अपने कब्जे में ले लिया है तो कचहरी रोड को ई-रिक्शा चालकों ने। बीच सड़क पर बेतरतीब ढंग से वाहनों को खड़ा कर रास्तों को घेर लेते हैं। ऐसे में मुख्य तिराहे की पूरी यातायात व्यवस्था बाधित हो जाती है।

दृश्य दो : शहर में भांवत चौराहा की स्थिति भी ऐसी ही है। यहां भी टेंपो और ई-रिक्शा द्वारा पूरे तिराहे को घेर लिया जाता है। नजदीक ही चौकी है, लेकिन पुलिस द्वारा इस मनमानी को रोकने के लिए कभी पहल नहीं की गई। मुख्य चौराहा होने की वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ता है। जासं, मैनपुरी : यह पूरे शहर की स्थिति है। यातायात जागरूकता माह में अबकी सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। 24 दिन बीतने के बावजूद ट्रैफिक पुलिस द्वारा न तो लोगों को सलीका समझाया गया और न ही डग्गामारों की मनमानी पर अंकुश लगाया। शहर में ईशन नदी तिराहा, भांवत चौराहा, क्रिश्चियन तिराहा, तांगा स्टैंड, करहल चौराहा पर ई-रिक्शा, टेंपो और अन्य डग्गामार वाहनों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। बेतरतीब ढंग से चालक वाहनों को पूरीे सड़कों पर खड़ा कर लेते हैं, जिससे दुपहिया वाहनों के अलावा सामान्य राहगीरों को आवागमन में परेशानी से जूझना पड़ता है।

हर जगह तैनात है यातायात पुलिस

ईशन नदी तिराहा, क्रिश्चियन तिराहा और भांवत चौराहा शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्ग हैं। यहां व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए यातायात पुलिस कर्मियों की रात आठ बजे तक ड्यूटी रहती है, लेकिन सबसे ज्यादा समस्या इन्हीं तीन रास्तों पर होती है। पुलिस की देखरेख में ही डग्गामार वाहनों का संचालन कराया जा रहा है। क्रिश्चियन तिराहा पर तो अक्सर डग्गामारों द्वारा स्थानीय लोगों के साथ वाहनों को लेकर कहासुनी होती रहती है।

इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ई-रिक्शा और टेंपो को मुख्य तिराहों और चौराहों से अलग खड़ा कराया जाए ताकि जाम की स्थितियां न बनें। जो भी वाहन सड़कों की व्यवस्था को बाधित करते मिलेंगे, अब उन सभी के खिलाफ चालान की कार्रवाई कराई जाएगी। यातायात पुलिस की भी उनके प्वाइंट पर जिम्मेदारी निर्धारित कर दी गई है। -अमर बहादुर, सीओ सिटी

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