संसू, कुसमरा, मैनपुरी: विकास का आइना देखने के लिए किशनी तहसील के गांव रामनगर आना होगा। जिले के पहले सांसद का गांव आज भी बदहाल है। बारिश से गांव की राहों पर जलभराव हो गया है। पानी निकासी को नाली तक नहीं है। अब तक निर्वाचित तमाम प्रधान भी गांव की सूरत नही बदल सके हैं। नाला अधूरा होने से गांव के हालात नारकीय दिखते हैं।

हम बात कर रहे हैं आजादी के बाद मैनपुरी संसदीय सीट से निर्वाचित पहले सांसद बादशाह गुप्ता के पैतृक गांव रामनगर की। वर्तमान में गांव समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में पानी निकासी का इंतजाम ही नही है, जिससे सड़कों पर पानी भरता रहता है। चार दिन पूर्व हुई बारिश से गांव की राहें जलमग्न हो गई थीं, चारों तरफ पानी ही नजर आ रहा है। गांव में अब तक न जाने कितने प्रधान बने, बदले भी, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका है। अनुसूचित जाति की बस्ती में जलभराव

गांव में नालियों का अभाव होने से बारिश के दिनों में होने वाला जलभराव अनुसूचित जाति की बस्ती के निवासियों के लिए दुखदाई बन जाता है। निकासी का इंतजाम नहीं होने और तालाब पर हुए कब्जे के कारण पानी इस बस्ती में बने घरों में घुस जाता है। जलभराव में कई बार बच्चे गिरकर घायल हो चुके हैं। नाला भी अधूरा

गांव में पानी निकासी को नाला बनवाया गया है, लेकिन वह अधूरा पड़ा। कई सालों से सफाई नही हुई। अगर नाले का पूरा निर्माण कराकर सफाई करा दी जाएं तो समस्या कम हो जाएगी। जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए गांव के रामू गुप्ता, राघवेंद्र गुप्ता, इंद्रेश चौहान, राजू सागर, सप्पू सविता, सुरेंद्र सागर, अजय कश्यप, सुभाष कश्यप, बबलू शाक्य, प्रवेंद्र शाक्य आदि ने डीएम से गुहार लगाई है। जलभराव की वजह से सड़कों से निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई सालों से ऐसी समस्या बनी हुई है, लेकिन सही नही हुई।

-ब्रह्मानंद कठेरिया। जलभराव से निकलते सालों हो गए हैं। जलभराव नालियां न बनी होने के कारण हो रहा। इसी समस्या से अब रिश्तेदार भी गांव में कम आने लगे हैं। -उदयभान सिंह। जलभराव की समस्या कई सालों से है। कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन जलभराव की समस्या ठीक नही हुई।

-श्यामू गुप्ता। जिले के पहले सांसद का गांव होने के बाद भी जलभराव की समस्या सही नही हुई। ग्रामीण को जलभराव से होकर जाना पड़ता है।

-अरुण गुप्ता।

Edited By: Jagran