संसू, अजीतगंज : ब्लाक जागीर की ग्राम पंचायत गोसलपुर गहियर के मजरा रूपपुर का तालाब बदहाल है तो गंदगी का साया है। अतिक्रमण की होड़ से अब गांव का तालाब लगातार सिकुड़ रहा है। तीन बीघा का रकबा अब दो बीघा का रह गया है।

तालाबों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के माध्यम से साल-दर-साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन देखरेख की कमी से अब तालाब अपना अस्तित्व खो रहे हैं। गांव रूपपुर के तालाब की बीते कई वर्षों से जिम्मेदारों के द्वारा सफाई नहीं कराई गई। तीन बीघा का तालाब सिमट कर अब दो बीघा रह गया है जो पानी के अभाव में सूखा पड़ा है। गर्मी के मौसम में नाम मात्र के लिए घरों का पानी तालाब में जाता है।

पानी के अभाव में अब तालाब में जलकुंभी पैदा हो गई है। किनारों पर ग्रामीणों के उपलों के ढेर और भूसे की बुर्जी लगी देखी जा सकती है। किनारे पर खड़े पेड़ों के नीचे ग्रामीण अपने पशु बांधते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते पांच वर्ष से तालाब की सफाई नहीं कराई गई। ग्रामीणों की मंशा है कि ग्राम प्रधान के द्वारा तालाब की सफाई कराकर पानी भरवाया जाए और कर्मचारियों के सहयोग से किनारों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया जाए। गांव के कुछ अराजक तत्व तालाब में घूरा-कूड़ा डालते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। रूपपुर गांव का तालाब पानी के अभाव में सूख गया। जलकुंभी और कई तरह की झाड़ियां उग आई है। ग्राम प्रधान को तालाब की सफाई करानी चाहिए।

भूप सिंह, रूपपुर। तालाब का रकबा तीन बीघा था, जो अतिक्रमण की वजह से सिमट कर दो बीघा रह गया है। जिम्मेदारों के मौन होने के कारण तालाब बदहाल है।

संतोष कुमार, रूपपुर करीब पांच वर्ष से तालाब की सफाई नहीं कराई गई। पशुपालकों को तालाब में पानी नहीं होने के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। तालाब की चारदीवारी बनानी चाहिए।

नीरज कुमार, रूपपुर जल संरक्षण के लिए तालाबों मे पानी भरना अति आवश्यक है। दिनोंदिन भूजल स्तर गिरता जा रहा है। सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। तालाबों का संरक्षण करें।

लालू, रूपपुर।

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