जासं, मैनपुरी : शासन से मुफ्त वाई-फाइ के आदेश पर कागजी आंकडे़बाजी कर पालिका ने जगह का एलान भी कर दिया, लेकिन फिर सुविधा को भुला दिया गया। सितंबर के आखिरी सप्ताह में सुविधा संचालित कराए जाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अक्टूबर का पखवाड़ा बीतने के बावजूद कोई हरकत शुरू नहीं हुई है।

स्थानीय निकाय उप निदेशक रश्मि सिंह ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, नगर पंचायतों को पत्र भेजा था। जिसमें शहर में किन्हीं भी तीन सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लालचंद भारती ने 24 सितंबर को शहर में रोडवेज बस स्टैंड, नगर पालिका परिसर और भांवत चौराहा पर डिवाइस लगवाए जाने के लिए स्थान चिन्हित होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। अब अक्टूबर का पहला पखवाड़ा पूरा होने के बावजूद यह सुविधा कागजों से बाहर नहीं आ पाई है। ये थी शासन की मंशा

उप निदेशक ने अपने पत्र में लिखा था कि वाईफाई की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर कराई जानी है जहां रोजाना लोगों की भीड़ जुटती हो। निकायों को अपने स्तर से करना था खर्च

शासन ने निकायों को छूट देते हुए कहा था कि इस सुविधा के लिए जो भी धनराशि खर्च हो, उसकी जानकारी वे शासन की वेबसाइट पर भेज दें। निकाय अपनी निधि का इस्तेमाल करते हुए यह व्यवस्था कराएं। जिले के किसी भी निकाय ने न ली सुध

जनहित से जुड़ी सुविधा के बारे में शासन के निर्देश को जिले के सभी निकायों ने पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया है। अब तक किसी भी निकाय के द्वारा न तो स्थानों की जानकारी को सार्वजनिक किया गया है और न ही वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई । शासन से मुफ्त वाई-फाई के आदेश पर कागजी आंकडे़बाजी कर पालिका ने जगह का एलान भी कर दिया, लेकिन सुविधा डकार ली है। हमने पालिका के वरिष्ठ लिपिक को व्यवस्था कराने के लिए निर्देशित किया था। उनसे यह भी कहा था कि वाई-फाई डिवाइस लगाने वालों से संपर्क कर व्यवस्था कराएं। अब तक यह सुविधा क्यों नहीं हो सकी है, इसके बारे में जानकारी की जाएगी। यदि कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है तो जल्द से जल्द डिवाइस लगवाकर उद्घाटन भी कराया जाएगा।

लालचंद भारती, अधिशासी अधिकारी

नगर पालिका परिषद

Edited By: Jagran