जासं, मैनपुरी: नालों की सफाई में लेट-लतीफी का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ सकता है। बारिश की वजह से सिल्ट सफाई का काम प्रभावित हो रहा है। निकाली गई गंदगी पानी के तेज बहाव की वजह से दोबारा नालों में ही पहुंच रही है।

हर साल शहर के नालों की सफाई का काम 15 अप्रैल से ही शुरू कराया जाता है, जो जून के आखिरी सप्ताह से पहले लगभग पूरा हो जाता था। इस बार पालिका प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरती। मार्च में ही बोर्ड की बैठक में नाला सफाई प्रस्ताव पास होने के बावजूद जून के पहले सप्ताह में काम की शुरुआत कराई। इससे पहले अप्रैल और मई में कोरोना क‌र्फ्यू की वजह से पूरे दो महीने बाजार और सब कुछ बंद था। अब मानसून ने दस्तक दे दी है। सफाई कर्मचारियों द्वारा नालों की सफाई कर सिल्ट निकाली जा रही है। दो दिनों से हो रही बारिश की वजह से निकाली जा रही सिल्ट वापस नालों में ही जा रही है। जितनी सफाई की जा रही है, उससे ज्यादा गंदगी वापस नालों में ही पहुंच रही है। बारिश की वजह से पूरा काम प्रभावित होने लगा है।

ऐसा ही रहा तो शहर में लोंगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। आवास विकास कालोनी, देवपुरा, पंजाबी कालोनी, राजीव गांधी नगर, लेनगंज, राधा रमन रोड, सदर बाजार, बजाजा बाजार, घंटाघर, कृष्णा टाकीज रोड, संता-बसंता मार्ग, करहल रोड, पुरानी मैनपुरी, आश्रम रोड, देवी रोड, नगरिया, नगला पजाबा सहित दर्जनों कालोनियों में जलभराव का संकट गहरा जाएगा। उफन सकते हैं मैनहोल

सीवर की सफाई के काम में भी अनदेखी बरती गई है। स्थिति यह है कि जगह-जगह पर सीवर के मैनहोल चोक हैं। कई जगह तो इनसे गंदा पानी भी बहता रहता है। बरसात के दिनों में पानी का बहाव रुकने के कारण बैक फ्लो की समस्या बढ़ जाएगा। मैनहोल से कनेक्ट किए गए घरों में पाइप के रास्ते गंदा पानी पहुंच सकता है। हर साल लोगों को बैक फ्लो की इस समस्या से जूझना पड़ता है।

- हम समय से नालों की सफाई का काम करा लेंगे। लोगों को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना होगा। सभी मेनहोल की सफाई का काम भी शुरू करा दिया गया है।

लालचंद भारती, अधिशासी अधिकारी

नगर पालिका परिषद।

Edited By: Jagran