यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेंगू की दहशत, बुखार से युवती की मौत
डेंगू की दहशत फैलती ही जा रही है। मरीजों की तादात में तेजी से हो रहे इजाफे के बावजूद स्वास्थ्य ...और पढ़ें

मैनपुरी : डेंगू की दहशत फैलती ही जा रही है। मरीजों की तादात में तेजी से हो रहे इजाफे के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के स्तर से कोई इंतजाम नहीं कराए गए हैं। बुखार से शुक्रवार को एक युवती की मौत हो गई।
जिले में मलेरिया के साथ अब डेंगू का कहर भी बढ़ने लगा है। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को तो दिन भर मरीजों की भीड़ लगी रही। शहर के पीडब्ल्यूडी चौराहा निवासी गुंजन (18) पुत्री राजेश कुमार कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। परिजन निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। शुक्रवार सुबह स्थिति बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। जहां उपचार के पांच मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई। डॉ. आकांक्षा ¨सह का कहना है कि मरीज गैस¨पग की स्थिति में थी। बहुत कोशिश करने के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। बेखबर है महकमा, प्रशासन ने साधा मौन
बुखार से हो रही मौतों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव के कोई इंतजाम नहीं कराए जा रहे हैं। अस्पताल में न तो पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं और न ही दवाएं। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। प्राइवेट पैथोलॉजी कर रहीं खेल
डेंगू जांच के नाम पर निजी पैथोलॉजी बड़ा खेल कर रही हैं। प्लेटलेट्स काउंट कम दिखाकर मरीजों को डराया जा रहा है। इतना ही नहीं, मोटा कमीशन सेट होने के बाद ऐसे मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां रेफर किया जा रहा है।
