यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से युवक की मौत, घर-घर बिछी चारपाईं
बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार और श्वांस संबंधी बीमारी से फिर एक युवक ...और पढ़ें

जासं, मैनपुरी : बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार और श्वांस संबंधी बीमारी से फिर एक युवक की मौत हो गई। लगातार बढ़ रही मरीजों की तादात से जिला अस्पताल में बिस्तर तक कम पड़ने लगे हैं। जागरण की खबर पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी है। डेंगू से हुई मौत के मामले की जांच करने के लिए किशनी पहुंची स्वास्थ्य टीम ने परिवार के सदस्यों के रक्त के नमूने लिए।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को दिन भर में लगभग 40 मरीज पहुंचे। इनमें से 22 को भर्ती किया गया। एटा जिला के नयागांव के गांव अल्लापुर निवासी किशोरी लाल (40) पुत्र लाखन ¨सह शहर में एक रिश्तेदारी में आए थे। अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी। परिजन गंभीर हालत में उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां इमरजेंसी के चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ईएमओ डॉ. आकांक्षा ¨सह का कहना है कि मरीज गैस¨पग की हालत में था और मृत अवस्था में ही यहां लाए गए थे।
बुधवार की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की टीम किशनी थाना क्षेत्र के गांव पदमपुर में पहुंची। डॉ. पुष्पेंद्र चौहान की अगुवाई में सात सदस्यों की टीम ने डेंगू पीड़ित परिवार में पहुंचकर उनके रक्त के नमूने एकत्र किए। बुखार की जांच के साथ दवाइयां भी उपलब्ध कराईं। पीड़ित परिवार के अलावा गांव के 12 अन्य लोगों के भी रक्त के नमूने लिए गए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गांव जटपुरा में मदरसे पर पहुंचकर 43 बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई गई। गांव में दवा का छिड़काव भी कराया गया। अजीतगंज भी पहुंची टीम, देखे अभिलेख
विकास खंड जागीर के गांव लालपुर अघार में खसरा टीका लगाए जाने के बाद से ही बीमार चल रहे रितिक (10 माह) पुत्र वीकेश की सैफई में मौत हो गई थी। बुधवार की दोपहर सीएचसी प्रभारी डॉ. पपेंद्र कुमार की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। उपचार से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने के बाद चिकित्सकों ने परिवार के लगभग आधा दर्जन लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। बिछवां : क्षेत्र के गांव अंजनी में एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने 130 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं दीं।
