जासं, मैनपुरी: गुरुवार को विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों ने नवमी अवकाश के दिन शहर, कस्बों और गांवों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के दावों को परखा। तमाम स्थानों पर गंदगी मिली तो एंटी लार्वा की जानकारी नागरिक नहीं दे सके। तालाब जलकुंभी और गंदगी से भरे थे, जबकि राह पर गोबर के ढेर नजर आए।

सीडीओ विनोद कुमार ने जिले के पांच दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को गुरुवार के दिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के दावों की मौके पर पड़ताल का जिम्मा सौंपा। इन निर्देशों के बाद अधिकारी सुबह से ही आवंटित स्थानों पर बताए गए बिदुओं की हकीकत पता करने के लिए दौड़ते रहे। यह ऐसे क्षेत्र थे, जहां बुखार, डेंगू के अलावा दूसरी बीमारियों का प्रकोप फैला था। इन क्षेत्रों में वैक्टर जनित बीमारियों के प्रकोप के बाद संबंधित विभागों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवा बांटने और एंटी लार्वा का छिड़काव के दावे किए गए थे। शाम तक रिपोर्ट को एकत्र करने का काम होता रहा।

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शहर में भी बदहाली-

निरीक्षण को आए अधिकारियों ने शहर के 16 वार्डाें में स्वच्छता, एंटी लार्वा आदि को लेकर नागरिकों से बात की। कई वार्ड के नागरिकों ने बताया कि सफाई तो यदा-कदा होती है, एंटी लार्वा का छिड़काव कब हुआ, उनको नहीं पता। इस दौरान कई अफसरों को शहर में तमाम स्थानों पर जलभराव भी मिला। बीटीआइ छिड़काव के बारे में भी नागरिकों ने अनभिज्ञता जताई। शहर के अलावा घिरोर, भोगांव, बेवर, कुरावली आदि कस्बों में भी यह निरीक्षण किए गए।

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तालाबों में जलकुंभी, गंदगी-

अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों में भी सफाई और स्वास्थ्य के दावों को परखा। कई गांवों में तो सफाई चलती मिली तो कई में गंदगी नजर आई। तालाबों में जलकुंभी और गंदगी भरी थी, जलभराव भी कई गांवों में दिखा। गोबर के ढेर और झाड़ियां स्वच्छता के दावों की हकीकत दर्शा रही थीं।

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कम मिले बीमार-

निरीक्षण को निकले अधिकारियों को कुछ ही गांवों में एकाध ग्रामीण बीमार मिला, जबकि शिविर की जानकारी ग्रामीण नहीं दे सके।

निकाय और गांवों में स्वच्छता और स्वास्थ्य से संबंधित निरीक्षण कराया गया है, कई बिदुओं पर अधिकारियों से आख्या मांगी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई तय की जाएगी। - विनोद कुमार, सीडीओ।

Edited By: Jagran