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मैनपुरी, जागरण संवाददाता। अस्पताल के सफर में मरीजों की जीवन डोर संभालने के लिए एंबुलेंस के स्टाफ को जीवन रक्षा की ट्रेनिग दी गई। एंबुलेंस में लगे उपकरणों के संचालन के साथ कृत्रिम उपचार के तरीके भी समझाए गए।

शनिवार को जिला चिकित्सालय परिसर में एंबुलेंस के स्टाफ को उपकरणों के संचालन की जानकारी दी गई। लखनऊ से आए कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर धीरज कुमार ने कहा कि मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के बीच सफर में उनकी देखभाल की जिम्मेदारी एंबुलेंस स्टाफ के हाथों में होती है। जरूरी है कि हमें वाहन में मौजूद जीवन रक्षक प्रणाली के बारे में पूरी तरह से जानकारी हो। शिक्षक धर्मेंद्र ने कहा कि जिले में 108 एंबुलेंसों की संख्या 16 और 102 की संख्या 27 है। इन एंबुलेंसों पर 176 कर्मचारियों का प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। सभी को छह मई तक एक-एक उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। पहले दिन एंबुलेंस की खूबियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में चार एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। ये चलती-फिरती आइसीयू यूनिट हैं। जिसमें मरीज को वेंटीलेटर की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है।

Posted By: Jagran

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