मैनपुरी, जागरण संवाददाता। यातायात संचालन से लेकर जनता की सुरक्षा तक की चिता। अपराधियों पर लगाम कसने को दिन-रात की मेहनत। ये सबकुछ आसान नहीं, शायद इसीलिए पुलिसकर्मियों की तो छोड़िए खुद पुलिस कप्तान का भी ब्लड प्रेशर कभी-कभी हाई रहता है। पुलिसकर्मियों की सेहत का राज जानने को जब स्वास्थ्य अधिकारियों ने नब्ज टटोली तो यही हकीकत सामने आई। ज्यादातर पुलिसकर्मी बीमार मिले, खुद पुलिस अधीक्षक का ब्लड प्रेशर सामान्य से ज्यादा निकला।

सोमवार को पुलिस लाइन परिसर में पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर का आयोजन कराया गया। प्रशिक्षण ले रहे लगभग दो सैकड़ा रंगरूटों के अलावा अन्य पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों की जांच कराई गईं। रक्त जांचों में कई पुलिसकर्मी मधुमेह की बीमारी से ग्रसित मिले। ज्यादातर का डायबिटीज इतना ज्यादा बढ़ा हुआ था कि उन्हें कई प्रकार की तकलीफें महसूस हो रही थीं। ब्लड प्रेशर बढ़ा होने की शिकायत से भी पुलिसकर्मी परेशान मिले।

पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने जब अपना ब्लड प्रेशर चेक कराया तो वह भी सामान्य से बहुत ज्यादा बढ़ा मिला। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. जेजे राम का कहना है कि मधुमेह और हाई बीपी दोनों सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। मधुमेह का स्तर बढ़ने से स्मरण शक्ति पर तो असर पड़ता ही है, साथ ही शरीर के आंतरिक अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। यदि समय पर इस बीमारी का उपचार न कराया गया तो समस्या बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि मरीज पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लें। दिनचर्या में बदलाव का भी बड़ा असर पड़ता है। पुलिस का काम जिम्मेदारी के साथ मुश्किलों भरा भी है। हमारा प्रयास है कि पुलिसकर्मियों की सेहत बेहतर रहे। इसके लिए ही नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की व्यवस्था की गई है।

अजय शंकर राय, एसपी

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