जासं, मैनपुरी: आंगनबाड़ी के हाथ में स्मार्ट फोन आते ही पोषाहार में होने वाला खेल पर अंकुश की उम्मीद जताई जा रही है। अब पोषाहार की मांग लाभार्थियों की संख्या के अनुसार होगी। ज्यादा बच्चे और महिलाएं दिखाकर बोगस पोषाहार आवंटित कराने का खेल नहीं चल सकेगा। स्मार्ट फोन में पोषाहार मांग की आनलाइन फीडिग होगी। जिले की 1677 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन दिए जाएंगे। इसी माह इनके वितरण की उम्मीद है। सरकार अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर फर्जी लाभार्थियों की संख्या दिखाकर पोषाहार हड़पने पर विराम लगाने जा रही है।

इसी माह मिलने वाले स्मार्ट फोन में आंगनबाड़ी द्वारा फीड किए जाने वाले लाभार्थियों में शामिल महिला, किशोरी और बच्चों की संख्या का भी सत्यापन कराया जाएगा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण ट्रैकर एप लांच किया है। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए सभी आंगनबाड़ी को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए को कहा है। फोन में शामिल एप में पोषाहार के तहत वितरित होने वाली सामग्री का विवरण इसमें दर्ज होगा। केंद्र सरकार एप पर होने वाली फीडिग की सीधे निगरानी करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य ने बताया कि जिले की 1677 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्ट मोबाइल फोन शासन ने उपलब्ध कराए हैं। जिले में 1667 फोन आए हैं, जरूरत से ज्यादा को वापस किया जाएगा। सभी को ट्रेनिग दी जाएगी। पहले लांच किया था कैस

केंद्र सरकार ने इससे पहले पोषाहार की मानीटरिग करने के लिए कामन एप्लीकेशन साफ्टवेयर (कैस) लांच किया था। इसमें आंगनबाड़ी को कुपोषित बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी थी। इसके जरिए केंद्र सरकार जानना चाहती थी कि कुपोषित बच्चों को मिलने वाले पोषाहार का क्या लाभ हुआ है। अब इसको बंद कर दिया गया है।

- आंगनबाड़ी के मानदेय में बढोत्तरी-

प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा दिया है। बढ़ा मानदेय एक सितंबर से मिलेगा। अभी आंगनबाड़ी को प्रतिमाह 5500 रुपये की दर से मानदेय दिया जाता है, अब इसे सात हजार रुपये कर दिया गया है। मिनी आंगनबाड़ी का मानदेय 4250 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये, सहायिकाओं का 3250 से बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया गया है।

Edited By: Jagran