संवाद सूत्र, बरनाहल: पुलवामा बलिदानी के स्मारक स्थल के रास्ते का विवाद बुधवार को फिर गर्मा गया। पड़ोसी खेत स्वामी पर जालसाजी का आरोप लगाकर बलिदानी की पत्नी आमरण अनशन पर बैठ गईं। उन्होंने मामले की कार्रवाई के साथ अन्य मांगें भी रखी हैं।

दो साल पहले पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बरनाहल क्षेत्र के गांव विनायकपुर के रहने वाले सीआरपीएफ जवान रामवकील बलिदानी हो गए थे। खेत में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। स्वजन इसी स्थल पर शहीद का स्मारक बनवा रहे हैं, परंतु इस स्थल और सड़क के बीच में गांव निवासी एक अन्य व्यक्ति का खेत पड़ता है। इसे लेकर शहीद के स्वजन पूर्व में कई बार धरने पर बैठ चुके हैं। बीते साल प्रशासन अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बिठाकर मामला सुलझाने की बात कही थी। अब बुधवार को शहीद की पत्नी गीता देवी फिर स्मारक स्थल पर अनशन पर बैठ गईं।

गीता देवी ने बताया कि स्मारक स्थल के रास्ते में आ रहे खेत के बैनामा के लिए पूर्व में बात हुई थी। यह खेत गांव निवासी पुष्पा देवी पत्नी विजयपाल का है। गीता देवी के मुताबिक इसके पूरे हिस्से के उन्होंने 16 लाख रुपये में खरीदा था। इसमें से साढ़े आठ लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दे दिए गए। परंतु अब खेत स्वामी बैनामा करने से इंकार कर रहे हैं। मामले में उनको धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने जालसाजी के आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है।

इसके साथ गीता देवी ने शहीद के नाम पर स्कूल-कालेज की स्थापना करने, भव्य द्वार का निर्माण कराने और स्वजन को शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की भी मांग उठाई। गीता देवी का आरोप है कि घटना के बाद जिला प्रशासन ने जिले के सभी कर्मचारियों को एक दिन का वेतन काटकर देने की बात कही थी, परंतु यह अब तक नहीं मिला। मांगे पूरी होने पर अनशन जारी रहेगा। गीता देवी के साथ देवर रामनरेश, भतीजा शिवकुमार और युवा जाग्रति मंच के रतन शाक्य भी अनशन पर बैठे हैं। गीता देवी का कहना है कि मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा।

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