संसू, बिछवां(मैनपुरी): डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान पहुंची टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने वैक्सीन लगवाने से ही इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें हरकत में आ गईं। समझाने के बाद नाराज लोग वैक्सीन लगवाने के लिए राजी हो सके।

मंगलवार को विकास खंड सुल्तानगंज के गांव धौकलपुर में कैंप लगाया गया था। एएनएम और आशा-संगिनी को डोर-टू-डोर सर्वे कर लोगों को इसकी जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अधिकांश लोग वैक्सीन लगवा रहे थे, लेकिन दोपहर में गांव के कुछ लोगों ने वैक्सीनेशन से साफ इनकार कर दिया। लोगों द्वारा वैक्सीन लगवाने से मौत हो जाने की बात कही जा रही थी। आशा-संगिनी ने समझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। विरोध देख इसकी सूचना प्रभारी चिकित्साधिकारी को दी गई।

सूचना मिलते ही प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. जेपी वर्मा अन्य टीम के सदस्यों के साथ गांव में पहुंचे और नाराज लोगों को समझाने का काम शुरू किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वैक्सीन लगाने की वजह से किसी की भी मौत नहीं हुई है, बल्कि यह तो पूरी तरह से सुरक्षित है। जिले में भी हजारों लोगों ने इसे लगवाया है। वैक्सीन कोरोना के संक्रमण से होने वाली मौत के खतरे को कम करती है। बहुत समझाने के बाद ही ग्रामीण वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हुए। चिकित्साधिकारी का कहना है कि गांव में मंगलवार को 35 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। अब कोई विरोध नहीं है। वैक्सीन को लेकर जागरूकता की जरूरत है। हमने ग्राम प्रधानों से भी अपील की है कि वे गांवों में सकारात्मक पहल कर लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक करें। हमारी टीमें भी पूरी तरह से अलर्ट हैं और कागम कर रही हैं।

डा. एके पांडेय, सीएमओ।

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