²श्य एक :

मैनपुरी-कुरावली मार्ग पर लोक निर्माण विभाग कार्यालय के नजदीक सड़क पर बनवाया गया रंबल स्ट्रिप का ज्यादातर हिस्सा टूट गया है। कई महीनों से इस पर से ही वाहन गुजर रहे हैं।

²श्य दो :

कचहरी रोड पर कुं. आरसी कन्या इंटर कॉलेज के सामने बना लोनिवि का रंबल स्ट्रिप का बीच से हिस्सा टूट गया है। वाहन चालक इसी टूटे हिस्से से होकर गुजरते हैं। जिससे आए दिन अनियंत्रित होकर चोटिल हो रहे हैं।

²श्य तीन :

शहर कोतवाली के सामने भी डामर से स्पीड ब्रेकर बनवाए गए हैं। निर्माण में ही अनदेखी कर दी गई। बीच का हिस्सा छोड़ दिया। चालक इसी हिस्से से होकर गुजरते हैं। जिससे बडे़ वाहनों से हादसों का खतरा बना रहता है।

जासं, मैनपुरी : बेकाबू रफ्तार को काबू करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं ने शहर में स्पीड ब्रेकर बनवाए, लेकिन देखरेख के अभाव में ज्यादातर ध्वस्त हो चुके हैं। रंबल स्ट्रिप में भी गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है। भारी वाहनों की आवाजाही से रंबल स्ट्रिप की प्लास्टिक टूटकर खराब हो गई। कई जगहों पर तो इनकी प्लेट ही उखड़ गई हैं। डामर और सीमेंट से बनवाए गए ब्रेकरों में भी मनमानी की जा रही है। शहर में जिला अस्पताल के सामने मुख्य द्वार पर, कुं. आरसी कन्या इंटर कॉलेज के सामने, पुलिस लाइन तिराहा के पास, भांवत चौराहा, करहल चौराहा पर बनवाए गए स्पीड ब्रेकर ध्वस्त हो चुके हैं।

रंबल स्ट्रिप की गुणवत्ता भी खराब वाहन चालकों को रात के अंधेरे में ब्रेकर दिख सकें, इसके लिए लोनिवि द्वारा रंबल स्ट्रिप लगवाए गए। काले और पीले रंग के ये ब्रेकर लाइट पड़ते ही चमकते हैं। लेकिन, इनकी गुणवत्ता इतनी ज्यादा खराब रही कि महीना भर चलने के बाद ही ज्यादातर टूट गए।

ये हैं मानक

- स्पीड ब्रेकरों को लगभग सात से आठ इंच का बनाया जाना चाहिए।

- इन पर प्लास्टर ऑफ पेरिस की सफेद रंग की पट्टी करानी चाहिए ताकि वाहन चालकों को दूर से ही आभास हो सके।

- ब्रेकरों पर कैट आइज लगी होने चाहिए ताकि रात के समय में ये चमक कर आगाह करें।

- स्पीड ब्रेकर से 20 मीटर पहले ही सड़क किनारे बोर्ड पर सूचना चस्पा होनी चाहिए ताकि चालक गति धीमी कर ले।

Posted By: Jagran

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