संसू, बरनाहल: पुलवामा शहीद रामवकील का नाम आते ही परिवार के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है तो दूसरे ही क्षण आंख भर आती है। विनायकपुर के लोग भी रामवकील की शहादत पर सम्मान से सिर झुकाते हैं। कहते हैं कि हमारे रामवकील ने अपनी शहादत देकर देश में हमारा सिर ऊंचा कर दिया है। हम सबने उन्हें हमेशा के लिए खो दिया है, लेकिन हमारी यादों में वे हमेशा मौजूद रहेंगे।

थाना बरनाहल के गांव विनायकपुर निवासी रामवकील ने पुलवामा हमले में अपनी शहादत दी थी। उनका पार्थिक शरीर गांव लाया गया तो हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि देकर उनकी शहादत को सलाम किया था। शुक्रवार को उनके शहीद दिवस को सम्मान के साथ मनाए जाने की तैयारी की जा रही है। गांव के लोगों ने उनकी स्मृति स्थल पर शहीद मेला लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए बुधवार से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

मेले में अधिकारियों के अलावा जन प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक इस मेले को आयोजित कर शहीद के परिवार को बताना चाहते हैं कि शहादत को हम और ये देश भूला नहीं है। शहीद का परिवार समाज में सम्मानित परिवार की श्रेणी में आता है। मेले में सम्मान समारोह का आयोजन कर हम शहीद के परिवार को सम्मानित कर उनके योगदान को धन्यवाद देंगे।

रास्ते का विवाद सुलझाने की होगी मांग: रामवकील की शहादत के सम्मान में ग्रामीणों ने अधिकारियों से उनका स्मृति स्थल बनवाए जाने की मांग की थी। अधिकारियों ने गांव में स्थित जमीन का एक टुकड़ा शहीद स्थल के लिए आवंटित कर दिया था। इसी स्थान पर रामवकील का अंतिम संस्कार किया गया था। लेकिन इस जमीन पर जाने के लिए रास्ते का विवाद अब तक नहीं सुलझ पाया है। जिसके चलते स्मारक स्थल का निर्माण अधर में अटका हुआ है। शहीद की पत्नी गीता देवी ने डेढ़ महीने पहले राज्यपाल के अलावा प्रदेश के अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर रास्ते के विवाद के समाधान की मांग की थी। शहीद मेले में फिर से इस मांग को उठाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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