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500 एलपीएम क्षमता के प्लांट की आई जांच रिपोर्ट, 93.8 मिली शुद्धता जासं, मैनपुरी: स्वास्थ्य विभाग के लिए एक राहत भरी खबर आई है। भारत सरकार की लैब में प्लांट से लिया गया आक्सीजन का सैंपल पास हो गया है। 93.8 फीसद शुद्धता मिलने पर अब प्लांट से सप्लाई होने वाली आक्सीजन को बेफिक्र होकर मरीजों को दिया जा सकता है।

कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की जबरदस्त कमी की वजह से मौतों का भयावह मंजर देखने को मिला था। भविष्य में ऐसी समस्या न आए, इसके लिए जन प्रतिनिधियों और माननीय ने आक्सीजन प्लांट के लिए अपनी निधि दी थी। निधि से 100 शैया अस्पताल परिसर में 500 एलपीएम (लिक्विड प्रति मिनट) क्षमता के सबसे बडे़ प्लांट को स्थापित कराया गया था। स्थापना के बाद कनेक्टविटी एल-2 आइसोलेशन अस्पताल में पहुंचाई गई थी। मरीजों को शुद्ध आक्सीजन मिले, इसके लिए 29 अक्टूबर 2021 को शासन से आई विशेषज्ञों की टीम द्वारा बनने वाली आक्सीजन का सैंपल लिया था। गुरुग्राम की लैब में भारत सरकार द्वारा सैंपल की जांच कराई गई थी। नौ नवंबर को जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद गोपनीय रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई। दो दिन पहले ही यह रिपोर्ट मैनपुरी सीएमओ कार्यालय को भेजी गई है। इस रिपोर्ट में प्लांट की आक्सीजन 93.8 फीसद शुद्ध मिली है। प्लांट का संचालन संभाल रहे इंजीनियर रितिक का कहना है कि इस रिपोर्ट में 12 फीसद कार्बनडाइ आक्साइड भी शामिल है, जिसे उपकरणों के जरिए अलग कर दिया जाता है। यह आक्सीजन अब सीधे मरीजों को उपलब्ध कराई जा सकती है। हम पूरी तरह से अब तैयार हैं। प्लांट से एल-2 तक पाइप लाइन बिछवाई जा चुकी है और सप्लाई भी चालू है। यदि कोरोना के मरीज बढ़ते हैं तो जिले में किसी भी मरीज को आक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

-डा. पीपी सिंह, सीएमओ।

Edited By: Jagran