जासं, मैनपुरी : कोरोना संक्रमण की वजह से बीते डेढ़ साल से बंद माध्यमिक विद्यालय करीब दो माह पहले खोले गए हैं लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थित कम ही दिख रही है। कक्षा नौ और 11 के पंजीकरण चल रहे हैं, जबकि 10वी और 12वीं के बोर्ड परीक्षा के फार्म भर गए हैं। इसके बाद भी उपस्थिति नहीं बढ़ पा रही है। बमुश्किल 40 से साठ फीसद बच्चे ही उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी भी नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के चलते मार्च 2020 से सभी स्कूल- कालेज बंद थे। जनवरी 2021 में प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए छात्रों को कोविड नियमों का पालन करते हुए 50 फीसद की उपस्थिति के साथ विद्यालयों में आने की अनुमति शासन ने दी, लेकिन इस दौरान कक्षाएं आनलाइन चलती रहीं। इसी बीच कोरोना की दूसरी लहर आई तो शासन के निर्देश पर सभी परीक्षाएं रोक दी गईं और छात्रों को अगली कक्षाओं के लिए प्रमोट कर दिया गया।

संक्रमण कम होने के बाद शासन ने एक बार फिर विद्यालयों को क्रमबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया। इसी साल 16 अगस्त से नौ से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन दो शिफ्टों में शुरू कर दिया गया। इसके लिए अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाया गया। डेढ़ माह बाद भी बच्चों की संख्या नहीं बढ़ रही है।

मंगलवार को शहर के राजकीय इंटर कालेज में पंजीकृत 90 छात्रों में से 42 छात्र पढ़ने के लिए आए थे। वैसे यह संख्या घटती-बढ़ती रहती है। बालिका विद्यालयों में जरूर उपस्थिति का ग्राफ बेहतर रह रहा है। विद्यालयों का नियमित संचालन कराया जा रहा है। अभिभावक भी बच्चों को विद्यालय भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शुरुआत की अपेक्षा अब उपस्थिति 25 फीसद तक बढ़ी है। -मनोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक।

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