जागरण संवाददाता, मैनपुरी: कांकन गांव निवासी दिव्यांग विनोद ट्राईसाइकिल की उम्मीद में गुरुवार को विकास भवन पर आए थे। दोनों पैरों से दिव्यांग विनोद हाथों के बल पर चलते हुए किसी तरह दफ्तर तक पहुंच गए। लेकिन कर्मचारियों ने ये कहकर लौटा दिया कि उन्होंने पहले आवेदन नहीं किया था। निराश हो चुके विनोद फिर मायूस होकर लौट गए।

विकास भवन में गुरुवार को ऐसे ही कई हालात नजर आए। पुसैना निवासी रामप्रकाश (66 वर्ष) अपनी पत्नी रामकली की वृद्धावस्था पेंशन शुरू कराने आए थे। उन्होंने बताया कि पहले जब पेंशन के लिए आए थे, तो कर्मचारियों ने ऑनलाइन आवेदन कराने की बात कही थी। किसी तरह जन सेवाकेंद्र से जब ऑनलाइन आवेदन करा दिया, तो भी अब सुनवाई नहीं की जा रही है। अब एक माह का समय और लगने की बात कह दी है। सुभाष को अब उनकी बात पर कोई भरोसा नहीं है। विकास भवन से मायूस निकले सुभाष ने केवल इतना ही कहा कि भाड़ में गई पेंशन, अब दोबारा पेंशन के लिए यहां नहीं आएंगे।

अभी कुछ दिन पहले ही विकलांग कल्याण विभाग द्वारा ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया था। जिसके लिए पूरे जिले से दिव्यांग ट्राईसाइकिल की उम्मीद में विकास भवन पहुंच रहे हैं। लेकिन पहले आवेदन न करने की बात कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है। जिला पंचायत राज कार्यालय पर गांव देवगंज निवासी राममोहन गुरुवार को शौचालय के लिए आए थे। लेकिन जब उनसे मना किया गया तो उन्होंने इतना ही कहा हमें क्या है, सरकार ही शौचालय बनवाना चाहती है, हम तो खुले में ही शौच के लिए चले जाएंगे।

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सुबह लगती झाड़ू, दोपहर बाद उठता कूड़ा

विकास भवन में सुबह यहां झाड़ू तो लग जाती है, लेकिन कूड़ा दोपहर 12 बजे तक ही उठ पाता है। सभी कार्यालयों के बाहर कचरा डालने के लिए कूड़ेदान रखे गए हैं, लेकिन खुले में ही कूड़ा फेंक दिया जाता है।

जिन लोगों ने जुलाई 2017 में आयोजित कैंप में आवेदन किया था, केवल उन्हीं लोगों को ट्राईसाइकिल वितरण कराया जा रहा है। जो भी अन्य दिव्यांग आ रहे हैं, उनसे भी नया आवेदन कराया जा रहा है। उन्हें भी जल्द ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जा सके।

यश कुमार वर्मा, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, मैनपुरी।

समाज कल्याण विभाग में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सही जानकारी दी जाती है। लेकिन कई आवेदन अभी सत्यापन के लिए लंबित हैं, जिसके कारण लोगों को परेशानी आ रही है। जैसे ही आवेदन ब्लॉक से सत्यापित होकर आ जाएंगे, पेंशन शुरू हो जाएगी।

डॉ. इंद्रा ¨सह, समाज कल्याण अधिकारी, मैनपुरी।

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फरियादियों की बात

बस स्टैंड में कैंटीन संचालन करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी से मिलने आया था। उन्होंने प्रार्थना पत्र तो स्वीकार कर लिया है, देखते हैं इसमें क्या कार्रवाई की जाती है।

अर¨वद गुप्ता, आगरा रोड।

पेंशन के लिए तीन बार समाज कल्याण विभाग आ चुका हूं। लेकिन अब तक कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। हर बार जल्द पेंशन मिलने की बात कह दी जाती है।

सुभाष चंद्र, मंछना।

हम लोग दिव्यांग हैं, सरकार द्वारा हमारी मदद के लिए बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन जब आज हम ट्राईसाइकिल की मांग लेकर आए हैं, तो मना कर दिया गया।

ओमवीर, नगला भूपाल।

दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर उपकरणों का वितरण कराया जाना चाहिए। लेकिन हम लोगों को नया आवेदन करने के लिए कहा जा रहा है, हम लोग क्या करें।

रघुवीर, पालनगर।

Posted By: Jagran