जासं, मैनपुरी: कोरोना काल में अधिकारी और कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। उपस्थिति रजिस्टर पर लंबे समय से हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं और कार्यालय भी नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को औचक निरीक्षण के दौरान सीडीओ को कई विभागों के ऐसे हालात मिले तो स्पष्टीकरण तलब कर अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं।

गुरुवार सुबह 10:20 बजे मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने अचानक विकास भवन स्थित कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी नेडा, एआरसीएस और पीआरडी के डीओ कक्ष में उपस्थित नहीं मिले। इस पर उन्होंने इन अधिकारियों से दो दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।

- उपस्थिति रजिस्टर पर नहीं कर रहे हस्ताक्षर

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने सभी विभागों के उपस्थिति रजिस्टर देखे तो तमाम कर्मचारियों के एक मई से 27 मई तक हस्ताक्षर नहीं मिले। इस पर उन्होंने ऐसे कार्यालयाध्यक्षों को अनुपस्थिति का वेतन और मानदेय अग्रिम आदेशों तक नहीं निकालने और स्पष्टीकरण दो दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इनके नहीं थे हस्ताक्षर-

उपस्थिति रजिस्टर पर एडीपीआरओ रोहित कुमार, सरला देवी, सांख्यिकी विभाग के ओमप्रकाश, वीरेंद्र सिंह, मुनीष कुमार, आनंद कुमार, जिला विकास कार्यालय की मंजू यादव, मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक प्रदीप कुमार, सहायक अभियंता लघु सिचाई कार्यालय की सुषमा, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के प्रदीप कुमार, राहुल कुशवाहा, सतीश यादव, पशुपालन विभाग के नागेंद्र सुमन, समाज कल्याण विभाग के राजीव कुमार, रजत कुमार, अभिषेक कुमार और दिनेश कुमार, उपायुक्त स्वत: रोजगार कार्यालय के मनीष कुमार, अनुज प्रताप सिंह, सत्यजीत सिंह, डीआरडीए में उदयवीर सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में अजय कुमार, राकी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के दुर्ग सिंह तोमर, जीत सिंह वरुण

Edited By: Jagran