जासं, मैनपुरी: सोमवार को डीएम महेन्द्र बहादुर सिंह ने एसडीएम सदर और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा बनाए गए ई-सहायता मोबाइल एप का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह शिकायतों के समयबद्ध व प्रभावी निराकरण के लिए बेहतर सिद्ध होगा। अभी राजस्व विभाग में इसका प्रयोग होगा, फीडबैक अच्छा रहा तो सभी विभागों में लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह एप सभी कार्मिक और अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। कार्मिकों को बहुत मदद मिलेगी तो समय की भी बचत होगी। फोटो-प्रिट आउट आदि का खर्चा भी बचेगा। सबसे पहले इस एप का प्रयोग राजस्व विभाग में किया जाएगा, इसके बाद जन-शिकायतों से संबंधित सभी विभागों में यह लागू होगा। एप के बारे में जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि फरियादी के शिकायत करते ही आइजीआरएस पोर्टल पर फीड करने के साथ ही अब तक एसएमएस सिर्फ शिकायतकर्ता तक ही पहुंचता था, लेकिन इस एप के जरिए शिकायतकर्ता के साथ शिकायत संबंधित विभाग के ग्राम स्तरीय कार्मिक तक पहुंचेगी। सबसे पहले राजस्व विभाग की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह लागू किया गया है। अब शिकायत प्राप्त होते ही एप के माध्यम से तत्काल शिकायत संबंधित लेखपाल के पास पहुंचेगी, लेखपाल मौके पर जाकर जीपीएस लोकेशन से समस्या का निदान करते हुए फोटो अपलोड करेंगे।

उन्होंने बताया कि जीपीएस सिस्टम पर शिकायत होने के फलस्वरूप उन्हें मौके पर न जाने की शिकायत के आरोप से भी निजात मिलेगी। एसडीएम सदर ऋषिराज और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा ने बताया कि ई-सहायता मोबाइल एप के माध्यम से आफलाइन शिकायत को भी एप में दर्ज कर संबंधित लेखपाल के मोबाइल पर भेजा जाएगा। संबंधित लेखपाल के मोबाइल पर एक एसएमएस आएगा, उसे तत्काल शिकायत के बारे में जानकारी मिलेगी। संबंधित लेखपाल मौके पर जाकर ही एप के जरिए शिकायत निस्तारण आख्या भेज सकेंगे।