जासं, मैनपुरी : कोरोना से सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन का लाभ समाज के हर तबके को मिले, इसके लिए शासन ने पहचान पत्र का दायरा बढ़ाया है। अभी तक सिर्फ 12 प्रकार के पहचान पत्रों को दिखाकर ही वैक्सीन लगवाई जा सकती थी, लेकिन अब दिव्यांगों के लिए यूडीआइडी (यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन कार्ड) को भी अनुमति दे दी गई है। इससे दिव्यांगों को केंद्रों पर असुविधा का सामना नहीं करना होगा।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी लोगों को वैक्सीन लगाए जाने की व्यवस्था की गई है। जिले में अलग-अलग केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रतिदिन 18 वर्ष की उम्र से लेकर बुजुर्गों तक को वैक्सीन लगाई जा रही है। वैक्सीनेशन के लिए शर्त है कि लाभार्थी को पहले से ही कोविन एप पर जाकर अपना पंजीकरण कराना होगा और स्लाट बुक करना होगा। इतना ही नहीं, केंद्रों पर वैक्सीनेशन से पहले अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा। ज्यादातर दिव्यांगों के सामने यह समस्या आ रही थी।

सीएमओ डा. एके पांडेय का कहना है कि दिव्यांग अब केंद्रों पर जाकर अपना यूडीआइडी दिखाकर मौके पर ही पंजीकरण करा सकते हैं। शासन स्तर से यूडीआइडी को फोटोयुक्त पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी गई है। यदि किसी भी केंद्र पर इस पहचान पत्र के आधार पर वैक्सीन लगाने से इनकार करते हैं या परेशान करते हैं तो इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की जाएगी। बेवजह परेशान करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। ये भी हैं पहचान पत्र के विकल्प

कोविन एप पर पंजीकरण के लिए, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविग लाइसेंस, पेन कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, पेंशन प्रमाण पत्र, बैंक, पोस्ट आफिस पासबुक, मनरेगा जाब कार्ड, सांसद, विधायक द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र या सरकारी कर्मचारियों का सर्विस आइडी कार्ड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

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