जासं, मैनपुरी: आंवला नवमी पर शहर और जिले में पूजा-अर्चना का भाव बना रहा। महिलाओं ने कथा सुनकर आवला का महत्व बताया। परिक्रमा कर पेड़ को कच्चा सूत बांधा गया। धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं ने आंवला पेड़ के नीेचे भोजन भी ग्रहण किया।

मंगलवार को आंवला नवमी पर घरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। महिलाओं ने आंवला के पेड़ की टहनी को आंगन में सजाकर उसकी पूजा की और आंवला का महत्व बताया। सूत और कलावा भी बांधा गया। महिलाओं ने आरती उतारकर आंवला के गुणों का बखान किया। विकास भवन के पास आंवला के बाग में सुबह से महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं ने पेड़ों की परिक्रमा कर आरती उतारी और उसके नीचे बैठकर भोजन भी ग्रहण किया।

शहर के मुहल्ला खरगजीत नगर स्थित ऋषि आश्रम पर मंगलवार को महिला एवं बाल उत्थान समिति के तत्वावधान में अक्षय नवमी का पर्व धार्मिक माहौल में मनाया गया। महिलाओं ने आंवला पेड़ का पूजन किया। 108 परिक्रमा देकर पेड़ को कच्चा सूत से बांधा गया। महिलाओं ने शंकर-पार्वती का आशीर्वाद लिया। समापन पर महिलाओं ने पेड़ के नीचे बैठकर भोजन ग्रहण किया और सभी के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।

पूजन के दौरान महिलाओं ने भगवान विष्णु का भी स्मरण किया। सीमा शुक्ला एडवोकेट ने महिलाओं को बताया कि आंवला शारीरिक ²ष्टि से महत्वपूर्ण फल है, यह हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है, इसलिए भी इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है। पूजन के दौरान मीनेश मिश्रा, पूनम मिश्रा, बॉबी पांडे, पप्पी, आशा शर्मा, विमला देवी, उमा देवी चौहान, विमलेश चौहान, माधुरी मिश्रा, रीता यादव, स्नेहलता, गिरिजा चौहान, देवी चौहान, नीमा देवी, माधुरी मिश्रा, नारायण देवी, मुन्नी देवी गुप्ता, मिथिलेश, सत्यवती, मंजूषा, मालती यादव, सरोज सक्सेना, शगुन दीक्षित, उषा त्रिपाठी समेत एक सैकड़ा से ज्यादा महिलाएं मौजूद थी।

Posted By: Jagran

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