संवाद सूत्र, भोगांव (मैनपुरी): कुंड विसर्जन करने फर्रुखाबाद गए दो नाबालिग भाइयों की गंगा में डूबने से मौत हो गई। तीसरे को गोताखोरों ने बचा लिया। घटना से घर में कोहराम मच गया। मुहल्ले के लोग फर्रुखाबाद के लिए रवाना हो गए।

कस्बा भोगांव के मुहल्ला चौधरी स्थित मंदिर पर 31 मार्च को सार्वजनिक रूप से देवी पुराण का आयोजन शुरू कराया गया था। शनिवार को भंडारे के साथ आयोजन पूर्ण हुआ। रविवार को मुहल्ले के एक सैकड़ा से अधिक लोग कुंड विसर्जन करने के लिए फर्रुखाबाद गए हुए थे। उनके साथ मुहल्ले निवासी राधाकृष्ण शाक्य का परिवार भी गया था। गंगा पर पहुंचकर सभी लोग नहाने लगे। राधाकृष्ण के तीनों पुत्र अश्वनी (17), आकाश (16) व जतिन (15) भी गंगा में नहाते समय अचानक डूबने लगे। लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की शुरू की। आकाश को बचा लिया गया। अश्वनी व जतिन को जब तक नदी से निकाला गया। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

घटना के समय कुंड विसर्जन को गए लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। घटना की सूचना परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। परिजन व मुहल्ले के लोग फर्रुखाबाद के लिए रवाना हो गए। दो सगे नाबालिग भाइयों की डूबने से मौत की घटना से मुहल्ले में शोक का वातावरण है। मृतक अश्वनी कुमार बीएससी प्रथम वर्ष व जतिन कक्षा नौ के छात्र थे।

भाइयों के शव से लिपट बिलखता रहा आकाश

बड़े भाई अश्वनी और छोटे जतिन की मौत ने आकाश को पूरी तरह झकझोर दिया। आकाश की जान तो लोगों ने बचा ली, लेकिन उसका रो-रोकर बुरा हाल है। भाइयों के शव से लिपटकर वह बार-बार बिलखता। परिजन ढांढस बंधाते लेकिन आकाश का करुण क्रंदन वह भी बिलखने लगते।

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