जागरण संवाददाता, मैनपुरी: बीते वर्ष भी नकल माफियाओं ने पिछले वर्ष भी खेल किया। राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों को छोड़कर वित्तविहीन कॉलेज केंद्र बनवाए। बोर्ड के नकल विहीन परीक्षा के मंसूबे को फेल कर दिए।

जिले में वित्तविहीन इंटर कॉलेजों की भरमार है। इनमें बोर्ड परीक्षा में जमकर नकल कराई जाती है। बीते वर्ष जब शासन ने बोर्ड परीक्षा केंद्र का निर्धारण ऑनलाइन किया तो कई नकल माफिया के कॉलेज केंद्र बनने से छूट गए। इसके बाद वे अपने कॉलेज को केंद्र बनाने की जुगाड़ में लग गए। उन्होंने राजकीय कॉलेज व एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से साठगांठ कर उनसे एक पत्र लिखवाया। इसमें उनके कॉलेज में व्यवस्थाएं न होने का हवाला देकर केंद्र हटाने की बात कही। इस पर वित्तविहीन कॉलेजों को केंद्र बनते देर न लगी। बाद में इन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में परीक्षा हुई।

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