जागरण संवाददाता, मैनपुरी : तीन दिन पहले बाइक मिस्त्री की हत्या दोस्त ने ही की थी। गलतफहमी के चलते परिजनों ने सिपाहियों के नाम एफआइआर दर्ज करा दी थी। रविवार को पुलिस ने हत्यारोपित दोस्त को दबोच लिया तो वारदात पर पड़ा पर्दा हट गया। वारदात में इस्तेमाल तमंचा भी पुलिस ने बरामद कर लिया।

22 मार्च की रात को शहर के मुहल्ला नगला रते निवासी बाइक मिस्त्री संजीव कश्यप और कोबरा टीम के सिपाही सौरभ व तेज प्रताप की बाइक बस स्टैंड के पास टकरा गई थी। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सैफई ले जाते समय संजीव कश्यप की मौत हो गई। परिजनों ने हादसे के बाद गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही जाम लगाकर हंगामा किया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से संजीव की मौत होने की पुष्टि हुई तो पुलिस भी असमंजस में पड़ गई। बाइक की टक्कर के दौरान किसी ने गोली चलते नहीं देखा था। तीनों घायल सड़क पर पड़े थे। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। संजीव को कब गोली लगी, ये रहस्य बन गया था। छानबीन में पता चला कि घटना से पहले संजीव का झगड़ा हुआ था। क्षेत्राधिकारी नगर आरके पांडेय ने बताया कि संजीव कश्यप की मुहल्ला छपट्टी निवासी ¨टकू के साथ काफी दोस्ती थी। घटना से कुछ देर पहले संजीव और उसके साथियों ने सिटी पोस्ट ऑफिस के पास बैठकर शराब पी। वहीं झगड़ा हो गया। संजीव कश्यप बाइक से जाने लगे तो ¨टकू ने पीठ पर गोली मार दी। पुलिस ने ¨टकू को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार ¨टकू ने संजीव कश्यप की हत्या करने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि शराब पीने के बाद सभी लोग सिटी पोस्ट के पास सिगरेट खरीद रहे थे, तभी झगड़ा हो गया। वह व उसके साथी सिटी पोस्ट ऑफिस के पास पहुंचे। पानी के बतासे के ठेले के पास फिर से विवाद हुआ, तभी जाते समय उसने संजीव को गोली मार दी। उसके कब्जे से तमंचा भी बरामद हुआ है। पुलिस ने जेल भेज दिया है।

Posted By: Jagran

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