जासं, मैनपुरी: यातायात जागरूकता सप्ताह में जिम्मेदारों के दो अलग चेहरे देखने को मिले। खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर फर्राटा भरने वाले वर्दीधारियों को तो स्टाफ का बता छोड़ दिया गया, जबकि परिवार के साथ जा रहे आम लोगों को रोककर उनके चालान काटे गए। इतना ही नहीं, अपशब्द और अभद्रता भी हुई। इस तरह की कार्रवाई का विरोध करते हुए मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की बात कही है।

शनिवार को परिवहन और यातायात विभाग द्वारा शहर के ईशन नदी तिराहे पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान में एनसीसी कैडेट्स की मदद भी ली गई। शुरुआत में तो चालकों को रोककर सीट बेल्ट बांधने और हेलमेट लगाने की अपील की गई, लेकिन बाद में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया। लोगों को रोककर हेलमेट और कागजातों की जांच कराई गई। नियमों के उल्लंघन पर चालान काटे गए। जबकि, उसी दौरान अधिकारियों के बीच से होकर गुजरने वाले वर्दीधारियों को स्टाफ का बताकर उन्हें छोड़ दिया गया। इससे नाराज कुछ चालकों ने मनमानी की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात भी कही है। कमर में पिस्टल लटकाकर गांठता रहा रौब

परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ चलने वाला एक युवक शनिवार को दिन भर चर्चा में रहा। कमर में पिस्टल और कंधे पर कारतूसों की पेटी लटकाकर जींस-शर्ट वाला युवक ईशन नदी तिराहे पर अधिकारियों के साथ वाहनों की चेकिग करता रहा। रौब गांठने वाला यह युवक कभी एनसीसी कैडेट्स को निर्देश देता तो कभी वाहनों को रोककर उनके कागजातों की जांच करता। जब युवक से उसकी पहचान पूछी गई तो उसने खुद को परिवहन विभाग का स्टाफ बताकर पल्ला झाड़ लिया। लोगों में इस अनजान पिस्टलधारी युवक को लेकर खौफ भी है।

Posted By: Jagran

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