ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी: राशन घोटाले के लिए शातिर पूरा सिस्टम ही हैक कर लेते थे। आमतौर पर फीडिंग में काफी समय लगता है, वहीं घोटालेबाजों ने एक-एक मिनट में ही अलग-अलग राशनकार्ड से राशन निकाल लिया।

राशन घोटाले की जांच के दौरान ये चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये सिस्टम हैक करने से ही संभव है। इस कारस्तानी के लिए ऐसा समय तलाशा गया कि जब उपभोक्ताओं की मौजूदगी न रही हो। बिलिंग में ये समय सुबह नौ बजे से पहले और दोपहर बाद दो बजे के बाद का सामने आया है।

ये अपनाया तरीका

राशन कार्ड में पहले से लगे आधार को हटाकर नया आधार ¨लक किया गया। फिर पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने पर ही राशन की पर्ची निकलती है। इसके बाद फिर से राशन कार्ड से उस आधार को हटाकर पुराना आधार कार्ड लिंक कर दिया गया। यही प्रक्रिया अगले कार्ड से राशन निकालने के लिए दोहराई गई। ये प्रक्रिया एक ही आधार से कराई गई। इस पूरी प्रक्रिया में एक्सपर्ट को भी चार से पांच मिनट तो लगते हैं। लेकिन राशन घोटाले की परीक्षण रिपोर्ट में ये प्रक्रिया एक मिनट में ही पूरी कर ली गई।

जिले में इतना हुआ घोटाला

- 37 दुकानों पर हुई थी गड़बड़ी।

- 898 राशन कार्डों से निकला राशन।

- 25 लोगों पर हुई एफआइआर।

- 7 आधार नंबर का हुआ इस्तेमाल।

प्रोफेशनल हैकर्स की ली होगी मदद

एनआइसी का सर्वर हर माह की एक से चार तारीख तक अपडेट किया जाता है। लेकिन घोटाले में इन तारीखों के इतर राशन कार्डों में आधार ¨लक कर हेराफेरी की गई।

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राशन घोटाले में कहीं न कहीं तकनीकी खामी रही है। क्योंकि तत्काल आधार अपडेटेशन और आधार ¨लक कर राशन निकालना संभव नहीं है। इसमें जरूर सर्वर से ही गड़बड़ी की गई है।

यूआर खान, डीएसओ, मैनपुरी।

Posted By: Jagran