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मैनपुरी में किराया बढ़ाने को लेकर बढ़ा विवाद, मालिक ने बंद किया बैंक का शटर; LDM की मध्यस्थता से सुलझा मामला

Published: Sat, 22 Aug 2026 05:08 AM (IST)

मैनपुरी में आईडीबीआई बैंक और मकान मालिक के बीच किराए को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके चलते मकान मालिक ने बैंक का शटर गिरा दिया।

मैनपुरी में किराया विवाद में मकान मालिक ने बैंक में डाला ताला।

मैनपुरी में किराया विवाद में मकान मालिक ने बैंक में डाला ताला।

HighLights

  1. मैनपुरी में आईडीबीआई बैंक और मकान मालिक के बीच विवाद।

  2. किराया न मिलने पर मकान मालिक ने बैंक का शटर गिराया।

  3. अग्रणी जिला प्रबंधक ने 20 दिन में भुगतान का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, मैनपुरी। किराया बढ़ाने को लेकर मकान मालिक और बैंक प्रबंध तंत्र के बीच कमरे की बातचीत सड़क तक आ गई। मकान मालिक ने बैंक खाली करने की चेतावनी दी तो उनके कर्मचारी ने शटर गिरा दिया।

हालांकि, कुछ देर बाद शटर खुलवाकर बैंक की प्रक्रिया सामान्य कराई गई। उधर, सूचना पर पहुंचे अग्रणी जिला प्रबंधक रामचंद्र साहा ने दोनों के बीच मध्यस्थता करा 20 दिन में किराये का भुगतान कराए जाने का आश्वासन दिया।

स्टेशन रोड पर आईडीबीआई बैंक का संचालन हो रहा है। बैंक जिस परिसर में स्थित है, उसका किराया बढ़ाए जाने को लेकर कई दिन से मकान मालिक और बैंक प्रबंध तंत्र के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन किराये का भुगतान नहीं हो रहा था।

गुरुवार को सुबह बैंक खुली और कामकाम आरंभ हुआ। जानकारी होते ही मकान मालिक वहां पहुंचे और कई महीनों से लंबित चल रहे किराये का भुगतान करने को कहा।

बैंक प्रबंध तंत्र द्वारा इसे उच्चाधिकारियों के स्तर का मामला बताते हुए कुछ देर का समय मांगा। मकान मालिक द्वारा बैंक खाली करने की चेतावनी दी गई। इस पर उनके साथ चल रहे कर्मचारियों ने बैंक का शटर गिरा दिया। कुछ देर बाद मकान मालिक के कहने पर शटर खुलवाया गया और अग्रणी जिला प्रबंधक को सूचना दी गई।

मकान मालिक ने उनसे भी नाराजगी जताते हुए किराया न मिलने पर बैंक में ताला लगाने की बात कही गई। अग्रणी जिला प्रबंधक रामचंद्र साहा ने कमरे में बैठकर मामले को समझा और बैंक के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में बात लाई। उन्होंने आश्वासन देते हुए बताया कि 20 दिन के अंदर बैंक प्रबंध तंत्र द्वारा किराये का भुगतान करने को कहा गया है।

मकान मालिक और बैंक के बीच किराये का विवाद है। बैंक प्रबंध तंत्र द्वारा समय पर किराये का भुगतान नहीं किया गया है। उनके उच्चाधिकारियों द्वारा 20 दिन में भुगतान कराने की बात कही गई है। मकान मालिक को भी आश्वासन से संतुष्ट किया गया है। -रामचंद्र साहा, अग्रणी जिला प्रबंधक।