मैनपुरी छात्रा दुष्कर्म हत्याकांड: हाईकोर्ट में एसआईटी दाखिल करेगी स्टेटस रिपोर्ट, जांच हुई तेज
मैनपुरी छात्रा दुष्कर्म हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। एसआईटी ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाईकोर्ट।
HighLights
जांच टीम ने कई लोगों के डीएनए और नार्को टेस्ट कराए हैं।
पूर्व प्रधानाचार्य सुषमा सागर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
संवाद सूत्र, भोगांव (मैनपुरी)। छात्रा दुष्कर्म हत्याकांड की जांच कर रही एसआइटी सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पेश होने से पहले एसआइटी ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में कई लोगों का डीएनए और नार्को टेस्ट एसआइटी करा चुकी है।
16 सितंबर 2019 को भोगांव के एक स्कूल में 11वीं की छात्रा का शव हाॅस्टल के कमरे में फंदे से लटकता मिला था। घटना के बाद छात्रा के स्वजन ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गई थी।
एसआइटी में एडीजी स्तर के अधिकारी को जांच का जिम्मा दिया गया था। स्कूल की तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर को एसआइटी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मैनपुरी शहर के अधिवक्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती के चलते लगातार एसआइटी जांच का दायरा बढ़ा रही है।
एसआइटी को अब अब तक की गई जांच के विवरण से हाईकोर्ट को जानकारी साझा करनी होगी। 14 सितंबर को एसआइटी को विस्तृत विवेचना के साथ हाईकोर्ट में पेश होंगे। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।
अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने मैनपुरी के एसएसपी ओमप्रकाश सिंह, सीओ भोगांव प्रयांक जैन, इंस्पेक्टर पहुप सिंह को निलंबित कर दिया था। जांच के बाद तीनों अधिकारियों काे बहाली मिल चुकी है। स्कूल में हुए घटनाक्रम के बाद तत्कालीन डीएम पीके उपाध्याय व एसपी अजय शंकर राय को शासन ने जिले से हटा दिया था
