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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखार का कहर बरकरार, नवजात सहित तीन की मौत

By JagranEdited By:
Published: Sat, 22 Sep 2018 10:46 PM (GMT+05:30)

बेकाबू होता बुखार अब जानलेवा साबित होने लगा है। नवजात सहित तीन लोगों ने शनिवार को बुखार से तड़पकर दम तोड़ दिया।

बुखार का कहर बरकरार, नवजात सहित तीन की मौत
बुखार का कहर बरकरार, नवजात सहित तीन की मौत

जागरण संवाददाता, मैनपुरी : बेकाबू होता बुखार अब जानलेवा साबित होने लगा है। बुखार से पीड़ित नवजात सहित तीन लोगों ने शनिवार को दम तोड़ दिया। मरीजों की बढ़ती तादात की वजह से अब इमरजेंसी में बैड की संख्या भी कम पड़ने लगी है। एक-एक बैड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती कराना पड़ रहा है।

जिले में बुखार पूरी तरह से बेकाबू होता जा रहा है। सीएचसी और पीएचसी पर उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों को जिला अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि अस्पताल की सुविधाएं भी बढ़ती तादात के आगे बेअसर साबित हो रही हैं। शनिवार को अस्पताल इमरजेंसी में दोपहर तीन बजे तक 75 मरीजों को भर्ती कराया गया। इनमें से आधा सैकड़ा मरीज बुखार से ही पीड़ित रहे। स्थितियां ऐसी बनी कि मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण वहां रखे बैड भी कम पड़ गए।

तीमारदारों को मरीजों को भर्ती कराने के लिए नंबर लगवाना पड़ा। जगह की कमी पड़ने पर एक-एक बैड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती कराया गया। कस्बा औंछा निवासी रामौतार (65) को परिजनों ने बुखार की वजह से इमरजेंसी में भर्ती कराया था। लेकिन कोई राहत न मिली और उनकी मौत हो गई। भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला दीपा निवासी रुपा देवी (66) की भी बुखार के कारण अस्पताल में मौत हो गई। औंछा थाना क्षेत्र के गांव भगवंतपुर निवासी आयुष (आठ माह) पुत्र अर¨वद को भी कई दिनों से बुखार आ रहा था। इमरजेंसी में उपचार के कुछ मिनटों बाद ही बालक ने भी दम तोड़ दिया।

अधिकारी कहिन--

मरीजों की संख्या को देखते हुए परिसर में बिस्तर बढ़वा दिए गए हैं। जो भी व्यवस्थाएं हैं, उन्हीं के अनुसार हर संभव उपचार दिया जा रहा है।'

डॉ. आरके सागर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मैनपुरी।