गांव में मौसम का हाल बताएगा सिस्टम, मैनपुरी के किसानों को हर घंटे मिलेगा अपडेट
मैनपुरी के किसानों को अब मौसम का सटीक हाल जानने के लिए आसमान नहीं देखना पड़ेगा। कृषि मंत्रालय की पहल ...और पढ़ें

AI जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
सौरभ शुक्ला, मैनपुरी। अब मौसम का मिजाज जानने के लिए किसानों को आसमान की ओर देखकर अनुमान नहीं लगाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें वर्षा, हवा और अन्य मौसमी बदलाव की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
कृषि मंत्रालय की पहल पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने राजस्व विभाग की टीम से मिल ग्राम पंचायतों में आटोमैटिक रेनगेज (एआरजी) सिस्टम स्थापित करने के लिए जगह चिह्नित कर ली है।
विकासखंड जागीर के हुलासी गांव में एआरजी के साथ आटोमैटिक वेदर सिस्टम (एडब्ल्यूएस) भी स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 528 ग्राम पंचायतों में एआरजी के लिए भी जमीन चिह्नित हो चुकी है। व्यवस्था शुरू होने के बाद मौसम संबंधी आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
इसमें सेंसर के माध्यम से हवा की गति और दिशा सहित तापमान व अन्य मौसम संबंधी आंकड़े स्वत: रिकार्ड किए जाएंगे। प्राप्त सूचनाएं आनलाइन सर्वर पर भेजी जाएंगी, जहां से उनका विश्लेषण किया जा सकेगा। जमीन चिह्नित होने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में अक्सर मौसम में अचानक बदलाव होने से किसानों की फसल प्रभावित हो जाती है। वर्षा, आंधी, चक्रवात, धूप, कोहरा समेत अन्य परिस्थितियों की पूर्व जानकारी मिलने से खेती संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी। एआरजी के माध्यम से वर्षा की मात्रा स्वत: दर्ज होगी। यह काम स्काईमेट वेदर सर्विसेज कंपनी, नोएडा द्वारा कराया जाएगा।
हर घंटे मिलेगा अपडेट
विजुअस एप के माध्यम से एडब्ल्यूएस व एआरजी स्थापित होने के बाद किसानों को हर घंटे मौसम में होने वाले बदलाव की जानकारी मिल सकेगी। सिस्टम आनलाइन संचालित होगा। सेंसर से प्राप्त आंकड़े स्वत: सर्वर तक पहुंचेंगे और एप पर अपडेट होंगे।
इससे किसान वर्षा, हवा की गति व दिशा तथा तापमान जैसी स्थितियों की जानकारी लेकर फसल की सिंचाई, कीटनाशक छिड़काव और अन्य कृषि कार्यों की योजना बना सकेंगे।
