जासं, मैनपुरी: करवाचौथ का पर्व और व्रत इस बार चार नवंबर को है, इसी दिन डीएलएड की परीक्षा होने से महिला परीक्षार्थी असमंजस में हैं। कक्ष निरीक्षक महिला शिक्षकों को तो स्थानीय स्तर से राहत मिलने के आसार बन रहे हैं, लेकिन महिला परीक्षार्थियों की कोई बात नहीं सुनी जा रही। विवाहित महिला परीक्षार्थियों ने इस तिथि को प्रस्तावित परीक्षा किसी अन्य तिथि में कराने की गुहार लगाई है।

बीटीसी प्रशिक्षण 2013, सेवारत उर्दू (मृतक आश्रित), बीटीसी 2014 और डीएलएड प्रशिक्षण 2017 (अवशेष- अनुत्तीर्ण), 2018 तृतीय सेमेस्टर (कक्षोन्नति किए गए प्रशिक्षुओं के इतर), परीक्षा 2020 की परीक्षाओं के लिए परीक्षा नियामक प्रयागराज के सचिव ने कार्यक्रम जारी किया है। दो से चार नवंबर तक आयोजित परीक्षा का पहला पेपर दो नवंबर को रखा गया है, जबकि परीक्षा के अंतिम दिन चार नवंबर को तीन परीक्षाएं होनी हैं।

चार नवंबर को करवाचौथ है। इस दिन सुबह दस बजे से 11 बजे तक हिदी, 12 से एक बजे संस्कृत-उर्दू और दोपहर दो बजे से तीन बजे तक कंप्यूटर की परीक्षा होगी।

असमंजस में महिला परीक्षार्थी

चर नवंबर को होने वाली परीक्षा को लेकर विवाहित महिलाएं असमंजस में है। हिदू महिलाएं इस दिन बिना कुछ खाए-पिए व्रत रखती हैं। परीक्षा देने की तैयारी कर रही विमलेश ने बताया कि ऐसे में सुबह से होने वाली परीक्षा को बगैर खाए-पीए कैसे देंगे।

महिला शिक्षकों को राहत

परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग ने बेसिक की महिलाओं शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई थी। अब जानकारी पर विभाग चार नवंबर की परीक्षा से महिला शिक्षिकाओं के स्थान पर पुरुष शिक्षकों को तैनात करने की योजना बना रहा है।

चार नवंबर को करवाचौथ है, इस दिन की परीक्षा से महिला शिक्षकों के स्थान पर तैनात किया जाएगा। महिला परीक्षार्थियों का मामला प्रयागराज से जुड़ा है। परीक्षा केवल जिले में नहीं, प्रदेश में है। हमारे हाथ में कुछ नहीं। मनोज कुमार, डीआइओएस।

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