जासं, मैनपुरी: वाट्सएप पर मिली शिकायत पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह अचानक उत्तम नर्सिंग होम जा पहुंचे। बगैर कुछ कहे मेडिकल वेस्ट निस्तारण की जांच शुरू कर दी। लापरवाही मिलने पर जमकर फटकार लगाते हुए अस्पताल प्रशासन पर बड़ा जुर्माना लगाने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए। उन्होंने मेडिकल स्टोर्स, पैथोलॉजी और नर्सिंग होम का भी निरीक्षण किया। खुले में फेंके जा रहे मेडिकल वेस्ट पर गंभीर रुख अपनाते हुए सभी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार पूर्वान्ह लगभग 11 बजे डीएम सीधे उत्तम नर्सिंग होम पहुंचे। यहां अस्पताल के बाहर प्लाट में ही गंदगी फेंकी जा रही थी। निस्तारण के इंतजाम ठप थे। इसे लापरवाही बताते हुए अस्पताल पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। बाद में रागिनी नर्सिंग होम, गर्ग मेडिकल स्टोर और आदर्श पैथोलॉजी का भी जायजा लिया। सभी में मेडिकल वेस्ट निस्तारण ठप मिला। सभी के साथ अनुबंधित कंपनी जेआरआर को नोटिस जारी किए हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र प्रताप सिंह को फटकार लगाते हुए

48 घंटे में होना चाहिए निस्तारण

डीएम ने कहा कि सभी नर्सिंग होम और पैथोलॉजी से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का हर हाल में 48 घंटों के अंदर निस्तारण हो जाना चाहिए। ऐसा न होने पर कार्रवाई होगी।

किसी अस्पताल में नहीं डिस्पोजल रूम

निरीक्षण में पाया कि किसी भी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी में मेडिकल वेस्ट के लिए अलग से कक्ष नहीं बना हुआ है। सभी के द्वारा सड़कों पर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंका जा रहा है। अब ऐसा करने वालों की निगरानी होगी।

होगी कार्यशाला

डीएम की पूछताछ में स्वास्थ्य अधिकारियों के अलावा नर्सिंग होम संचालक भी मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए निर्धारित अलग-अलग रंग के कंटेनरों की जानकारी नहीं दे पाए। डीएम ने सभी पैथोलॉजी संचालक, नर्सिंग होम, मेडिकल संचालकों की कार्यशाला बुला उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Jagran

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