जासं, मैनपुरी: ढांचा विध्वंस पर फैसले को लेकर प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां कर लीं थी। जिले को 37 सेक्टर में बांटने के बाद प्रत्येक सेक्टर में एक अधिकारी की नियुक्ति की गई। पुलिस को भी सक्रिय कर दिया गया। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पैनी नजर रही। देर रात तक पुलिस और अधिकारी हालात पर नजर बनाए रहे।

बुधवार को फैसले की तारीख पहले ही निर्धारित हो चुकी थी। इसके साथ ही प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी। फैसला आने से पहले ही सभी सेक्टर अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नजर बनाए हुए थे। फैसला आने के बाद मुस्तैदी और ज्यादा बढ़ा दी गई। शहर में आगरा रोड पर विशेष पिकेट लगाए गए। इसके साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया। शहर के अलावा जिले के सभी कस्बों में पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाकर तैनाती की गई थी। सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे। देर रात तक पुलिस सक्रिय बनी रही। शहर में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस द्वारा चेकिग की गई।

भोगांव में संवेदनशील इलाकों में रही पुलिस की तैनाती: संसू, भोगांव: बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में आरोपितों पर निर्णायक फैसले को लेकर बुधवार को पुलिस अलर्ट रहा। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में घूमकर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। संदिग्धों से पूछताछ कर पुलिसकर्मियों की सक्रियता को परखा गया।

बुधवार को बाबरी मस्जिद के विध्वंस मामले में आरोपितों पर आने वाले फैसले को लेकर संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने खासी एहतियात बरती। सुबह से ही एसडीएम सुधीर कुमार सोनी, सीओ अमर बहादुर, इंस्पेक्टर पहुप सिंह ने फोर्स के साथ मस्जिदों, मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थानों के आसपास संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी की। अधिकारियों ने नगर के मुहल्ला रसूलाबाद, कबीरगंज, बड़ा बाजार आदि मिश्रित आबादी वाले इलाकों में फोर्स के साथ फ्लैग मार्च किया। एसडीएम व सीओ ने दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोगों से बात कर शांति व्यवस्था लेकर मंथन किया। सीओ अमर बहादुर ने बताया कि आलाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस को अलर्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थानों के आसपास एहतियातन पुलिस की तैनाती की गई है। संदिग्धों की हरकतों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सांप्रदायिक सौहार्द व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी प्रयास किया जा रहा है।

सीबीआइ कोर्ट के फैसले पर आतिशबाजी: जासं, मैनपुरी: बाबरी विध्वंस मुकदमे में संत और विहिप नेताओं के अलावा दूसरे आरोपितों को बरी किए जाने पर शहर के एकरसानंद आश्रम में आतिशबाजी की गई। कोर्ट के फैसले को सत्य और न्याय की जीत बताया गया।

बुधवार को सीबीआइ कोर्ट के फैसले पर आश्रम के संत, संस्कृत विद्यार्थियों और आचार्याें ने आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। आश्रम के स्वामी हरिहरानंद सरस्वती ने कहा कि 1992 में अयोध्या में ध्वस्त बाबरी को साजिश के तहत नहीं ढहाया गया था। यह राम भक्तों का ज्वार था, जिसे कोई नहीं रोक सका।

इससे पहले सीबीआइ कोर्ट का फैसला आने पर आश्रम में खुशी मनाते हुए आतिशबाजी की गई। संत और विश्व हिदू परिषद के नेताओं को आरोप मुक्त किए जाने पर खुशी का इजहार किया गया। इस मौके पर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती के अलावा डॉ. ग्या प्रसाद दुबे, डॉ. संजीव मिश्र, स्वामी रामेश्वरानंद, डॉ. रामबरन पांडे, सूर्यकांत त्रिपाठी, उदयवीर सिंह राठौर, अतुल कृष्ण दुबे, श्याम जी दीक्षित, सत्यदेव मिश्रा, आचार्य अनिल त्रिपाठी, आचार्य अरविद त्रिवेदी, आचार्य राजीव मिश्र, विद्याशरण मिश्रा, अनुज शाक्य मौजूद रहे।

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