मैनपुरी, जागरण संवाददाता। लगातार बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे ने जीवन हलकान कर दिया है। इंसान ही क्या, पशु-पक्षी भी राहत को छांव और सुकून तलाश रहे हैं। पसीना तो रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दोपहर होते ही सड़कें सुनसान हो जाती हैं, बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कलक्ट्रेट और विकास भवन में भी चहलपहल दिखाई नहीं देती है।

शुक्रवार सुबह नौ बजते ही सूर्य देव ने कहर बरपना शुरू किया दिया। हर कोई आग की तरह दहक रहे मौसम में त्रस्त है। भीषण गर्मी और तापमान की अधिकता के कारण लोग अनावश्यक यात्रा से बच रहे हैं। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। कलक्ट्रेट में सुबह 11 बजे डीएम पीके उपाध्याय और एडीएम बी. लाल कार्यालय में बैठे रहे, लेकिन इस दौरान कोई फरियादी नजर नहीं आया। सत्ताधारी पार्टी के कुछ नेता जरूर दिखाई दिए। वहीं, विकास भवन में सीडीओ कपिल सिंह और अन्य अफसर मौजूद थे, पर फरियादियों की आमद नहीं होने से यहां भी सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी चुनाव दौरान पिछड़े काम को पूरा करने में जुटे रहे।

कम होने लगी दूध की धार

गर्मी का असर इंसानों पर ही दुधारू पशुओं पर भी दिखने लगा है। ग्रामीण देवलाल का कहना है कि गर्मी के चलते दूध का उत्पादन प्रभावित होने लगा है। दुधारू पशुओं में दूध की धार सूखने लगी है। किल्लत बढ़ने से दूध के भाव भी आसमान पर पहुंच गए हैं। वहीं, वीरेश का कहना है कि गर्मी में पशु-पक्षियों का हाल- बेहाल है।

अस्पताल में बढ़े बीमार

गर्मी का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के आपातकक्ष में गर्मी से पीड़ित कई मरीज लाए गए। चिकित्सक धर्मेंद्र कुमार ने लोगों से गर्मी के दौरान पेट भरकर घर से निकलने की सलाह दी है।

Posted By: Jagran

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