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मैनपुरी, जागरण संवाददाता। स्वास्थ्य समिति की समीक्षा में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने लापरवाही पर कड़ी फटकार लगाते हुए अंतिम चेतावनी दी। संविदा कर्मी हिमांशी यादव की सेवा समाप्त करने का निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार भी अपने काम के प्रति बेवरवाह हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, महिला चिकित्सालय में तैनात डॉ. उमा चौधरी के खिलाफ स्वास्थ्य निदेशक को पत्र लिखने को कहा है।

गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैठक कर रहे थे। डीएम ने कहा कि महिला चिकित्सक डॉ. उमा चौधरी बिना किसी सूचना के ड्यूटी से लगातार गायब रहती हैं। दक्षता कार्यक्रम के लिए रखी गई संविदा कर्मी हिमांशी यादव द्वारा एएनएम को प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर लेबर रूम की स्थिति नहीं देखी। तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्त करने के लिए कहा है। तीन महीनों में सिर्फ पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों की ही जांच की गई। चेतावनी देते हुए कहा कि हर महीने कम से कम पांच की जांच होनी चाहिए।

मातृ वंदन योजना की प्रगति शहरी क्षेत्र में सबसे खराब मिली। रागिनी हॉस्पिटल द्वारा आयुष्मान भारत योजना में रुचि न लेने पर भी नाराजगी जताई। बैठक में सीडीओ कपिल सिंह, सीएमओ डॉ. एके पांडेय, एसीएमओ डॉ. जीपी शुक्ला आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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