संसू, बरनाहल : आखिरकार ढाई साल लंबी उठा पटक के बाद बरनाहल को नगर पंचायत का दर्जा मिल ही गया। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई तो जमकर मिठाई भी बांटी गई।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनी। इसके बाद बरनाहल को नगर पंचायत बनवाने की कोशिशें परवान चढ़ने लगी। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से ही कस्बा निवासी और संघ सेवा प्रमुख योगेंद्र गुप्ता इसकी पैरोकारी में जुट गए। इसके बाद प्रशासन ने बरनाहल को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रस्ताव जाने के बाद नगर पंचायत बनाने की कोशिशें तेज हो गई। ढाई साल पुराने प्रस्ताव में बरनहाल नगर पंचायत में बरनाहल के अलावा भदोलपुर, सलूकनगर, जाफरपुर, दलेलनगर, औरंगाबाद, मुरादपुर के अलावा हकीमपुर, रम्बदा, मढ़ामई, निवहरा को शामिल किया गया था।

इस प्रस्ताव की जानकारी के बाद विरोध होने लगा। नगर पंचायत के विरोध में बरनाहल के अलावा रम्बदा, निवहरा के नागरिकों ने शासन को आपत्तियां भेजीं तो इन पर सुनवाई हुई। उधर, 2018 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बरनाहल को नगर पंचायत बनाने की घोषणा कर दी। इसके बाद एक बार फिर आपत्तियों का दौर चालू हो गया। लंबी और लगातार चली उठा-पटक के बाद मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में बरनाहल को नगर पंचायत बनाने की मंजूरी पर मुहर लगा दी गई। जानकारी होते ही बरनाहल में हर्ष का माहौल बन गया और ग्रामीणों खुशी की लहर दौड़ गई।

संघ सेवा प्रमुख को खिलाई मिठाई

बरनाहल को नगर पंचायत बनाने की मंजूरी मिलने के बाद भाजपाई संघ सेवा प्रमुख योगेंद्र गुप्ता के आवास पर पहुंचे और मिठाई खिलाई। नागरिकों का कहना है कि उनके ही अथक प्रयास से बरनाहल नगर पंचायत बन पाई है।

यह गांव हुए शामिल

नगर पंचायत बनी बरनाहल में बरनाहल ग्राम पंचायत के अलावा गांव हकीमपुर, रम्बदा, मढ़ामई, निवहरा को शामिल किया गया। इन सभी गांवों की आबादी करीब 21 हजार है।

ग्रामीणों की बात: सुविधाओं के मामले में बरनाहल ग्राम पंचायत काफी पिछड़ी थी। विकास न होने से यहां समस्याओं का अंबार लगा था। अब कैबिनेट के प्रस्ताव की मंजूरी से यहां भी संसंगठित विकास होगा।

योगेंद्र गुप्ता, संघ सेवा प्रमुख।

यहां भी अब नागरिकों को सुविधाएं मिल सकेंगी। अभी तक ग्राम पंचायत होने से बरनाहल काफी पिछड़ा हुआ था। कई गांवों के शामिल होने के बाद अब सभी का विकास होगा, सुविधाएं मिलेंगी।

मिमांशु गुप्ता।

बरनाहल बड़ा होने के बाद भी काफी पिछड़ा हुआ था। तमाम समस्याएं यहां थीं। अब नगर पंचायत होने से बरनाहल समेत शामिल दूसरे गांवों में विकास की गंगा बहेगी और सभी नागरिकों को फायदा होगा।

सुधीर दीक्षित।

नगर पंचायत का दर्जा तो बरनाहल को पहले ही मिल जाना था। नेक काम में तमाम दिक्कतें और बाधाएं आती है। अब देर से सही, लेकिन मांग तो पूरी हो गई। अब सभी को इसका फायदा मिलेगा। राजकुमार।

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