जासं, मैनपुरी: पंचायती राज विभाग की ओर से जिले में गोबर गैस संयंत्र की स्थापना की जाएगी। संयंत्र की स्थापना के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की राज्य सलाहकार ने डीपीआरओ के साथ जागीर और अन्य ब्लाकों में संचालित गोशाला का निरीक्षण किया। सयंत्र की स्थापना पर कई लाख की धनराशि खर्च होगी, जिससे बिजली बनाई जाएगी।

बुधवार को गोबर गैस संयंत्र को बेहतर स्थान की तलाश के लिए स्वच्छ भारत मिशन की राज्य सलाहकार तुहिना राय ने डीपीआरओ स्वामीदीन के साथ जागीर ब्लाक के गांव हथपऊ, सुल्तानगंज के गांव अहिरवा, किशनी के जबापुर बरिहा, घिरोर के रम्पुरा गुराई आदि गोशाला का निरीक्षण किया। गोबर गैस संयंत्र से बिजली बनाई जाएगी। स्थल चयन डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।

निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक नीरज शर्मा, एडीओ सुनील मिश्रा, प्रधान श्रंगारवती, खंड प्रेरक बीना, पंचायत सचिव मनोज सत्यार्थी आदि मौजूद रहे। गोशाला से खरीदा जाएगा गोबर

गोशाला में स्थापित होने वाले संयंत्र में गैस उत्पादन के लिए कच्चे माल के रूप में गोबर की खरीद की जाएगी। इससे गोशाला की आय भी बढ़ेगी और आसपास के किसानों को भी फायदा होगा। संयंत्र में बिजली का उत्पादन होगा, जिससे आसपास बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। तैयार होने वाले कंपोस्ट से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। संयंत्र का वाणिज्यिक उपयोग किया जाएगा।

सितंबर तक पूरा करना होगा गैस संयंत्र का काम

पंचायती राज निदेशालय की ओर से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में गोबर धन योजना के तहत गोबर गैस संयंत्र स्थापित करने को कहा गया है। सितंबर तक इसे पूरा करना होगा। जिले में जमीन चयनित होने के बाद इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए फर्म को जिम्मेदारी दी जाएगी। गोबर धन सेल का होगा गठन

संयंत्र की स्थापना पर 20 से 50 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। जिला स्तर पर इसके लिए गोबर धन सेल का गठन किया जाएगा। इसके अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे। वहीं सीडीओ, बीएसए, मुख्य चिकित्साधिकारी, डीआरडीए के परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, यूपी नेडा के परियोजना अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति ही संयंत्र स्थापित करने के लिए क्रियान्वयन एजेंसी का चयन करेगी। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों से तालमेल स्थापित करने की जिम्मेदारी भी कमेटी के पास होगी।

जिले में जल्द ही गोबर गैस संयंत्र की स्थापना होगी। इसके लिए जगह का निरीक्षण किया जा रहा है। वहां आसानी से गोबर भी उपलब्ध हो जाएगा। संयंत्र स्थापित होने से किसानों को काफी फायदा होगा।

-स्वामीदीन, जिला पंचायत राज अधिकारी।

Edited By: Jagran