यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रिश्तेदारी में आई बालिका की बुखार से मौत
मृतका एटा जिले की गर्मी और उमस से बढ़ी बीमारियां जिला अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़ आधा दर्जन किए रेफर।

मैनपुरी, जागरण संवाददाता। उमस भरी गर्मी और मौसम की मार से सेहत बिगड़ रही है। जिला अस्पताल और 100 शैय्या की ओपीडी में मंगलवार को बड़ी संख्या में मरीज उमड़े। बुखार से पीड़ित एक बालिका की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन मरीजों को सैफई रेफर किया गया है।
बारिश न होने से मौसम में उमस बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी के चलते लोग बीमार पड़ रहे हैं। मंगलवार सुबह से ही जिला अस्पताल और 100 शैय्या की ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी। दिन भर में दोनों अस्पताल में लगभग दो हजार मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। इसके अलावा लगभग पांच सैकड़ा पुराने मरीज पहुंचे। सर्वाधिक बुखार, पेट दर्द और त्वचा संबंधी बीमारियों से परेशान थे।
मंगलवार को रिश्तेदारी में आए एटा जिले के गांव देहलिया निवासी अलकेश की छह साल की बेटी मिष्ठी को बुखार की हालत में गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी से दोपहर दो बजे तक बुखार और पेट दर्द में राहत न मिलने पर आधा दर्जन मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सैफई के लिए रेफर किया गया है। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य का कहना है कि बच्चों में ज्यादातर पेट दर्द और अपच की समस्या होती है। उन्हें कुछ भी खिलाने से पहले खाद्य पदार्थ को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए। वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरांग गुप्ता का कहना है कि इस मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियां जोर पकड़ती हैं। बारिश और पसीने में भीगे हुए कपड़ों को ज्यादा देर तक पहने रहने से इंफेक्शन बढ़ जाता है। इससे खुजली, खाज, दाद की समस्या होती है।
