जासं, मैनपुरी : बुखार से आए दिन हो रही मौतों को काबू कर पाने में स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। मासूम समेत जिले में चार लोगों की चौबीस घंटे में बुखार से मौत हो गई। शहर से लेकर गांव तक हाहाकार मचा हुआ है।

बेकाबू हुआ बुखार दो महीने बीतने के बावजूद शांत नहीं हो रहा है। लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं। शहर के संसारपुर निवासी रुचि (नौ माह) पुत्री संजीव दो दिन से बुखार से पीड़ित थी। गुरुवार की सुबह स्थिति बिगड़ने के बाद स्वजन उसे लेकर इमरजेंसी पहुंचे। जहां उपचार के दौरान मासूम की मौत हो गई। पुरानी बस्ती देवपुरा निवासी अंशुल (16) पुत्र सुघर सिंह भी बुखार से बीमार थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान गुरुवार को उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

विकास खंड जागीर के गांव अजीतगंज निवासी आशू (11) पुत्र रमाकांत भी बुखार से पीड़ित थे। स्वजन आगरा के एक निजी अस्पताल में उन्हें उपचार दिला रहे थे जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजीतगंज में अब तक पांच लोग बुखार और डेंगू से जान गंवा चुके हैं। कस्बा घिरोर निवासी हरी सिंह (75) कुछ दिनों से बुखार से बीमार चल रहे थे। स्वजन द्वारा आगरा के निजी अस्पताल में उपचार दिलाया जा रहा था जहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया। गोधना में हुआ दवा का छिड़काव

गुरुवार को विकास खंड घिरोर के गांव गोधना के मजरा नगला भगिया, नगला भगऊ, जोगराजपुर और खेरी में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव प्रधान सरिता एवं ग्राम पंचायत अधिकारी अरविद कुमार की देखरेख में कराया गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि घरों और आसपास पानी का जमाव न होने दें। बुखार की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। डीएम ने अस्पताल में पूछा मरीजों का हाल

गुरुवार की दोपहर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी अशोक कुमार राय ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचकर मरीजों की कुशल क्षेम पूछी। वार्डों में जाकर सेहत में सुधार का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। सभी चिकित्सक और कर्मचारी अपनी ड्यूटी के अनुसार समय-समय पर मरीजों की जानकारी जुटाएं। मरीजों की सेहत से संबंधित जानकारी उनके तीमारदारों को भी दें।

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