विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखार से बालक समेत चार की मौत, दर्जनों भर्ती

By JagranEdited By:
Published: Sun, 29 Sep 2019 10:11 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 30 Sep 2019 06:22 AM (GMT+05:30)

नहीं संभल रहीं स्थितियां स्वास्थ्य विभाग हुआ बेबस।

बुखार से बालक समेत चार की मौत, दर्जनों भर्ती
बुखार से बालक समेत चार की मौत, दर्जनों भर्ती

मैनपुरी, जागरण संवाददाता। बुखार से दिनों दिन बिगड़ते हालात अब बेकाबू होने लगे हैं। बीते चौबीस घंटों में एक बालक समेत चार लोगों ने बुखार व अन्य कारणों से दम तोड़ दिया, जबकि, दर्जनों की संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कस्बा शिकोहाबाद निवासी आर्यन (4) पुत्र हरिशंकर मैनपुरी निवासी अपने मामा के यहां आया था। कई दिनों से बालक को बुखार आ रहा था। परिजन झोलाछाप से इलाज दिला रहे थे, लेकिन राहत न मिली। रविवार की सुबह हालत बिगड़ी तो परिजन बालक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया।

जिला हरदोई निवासी बालपति (50) पत्नी सत्यनारायण की भी रिश्तेदारी में तबयित बिगड़ गई। परिजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव अघार निवासी रामरईस (19) पुत्र राजवीर को भी कई दिनों से बुखार आ रहा था। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। शहर के रामलीला मैदान निवासी शिवानी (18) पुत्री मुन्नालाल को भी तबियत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

बीते चौबीस घंटों में लगभग आधा सैकड़ा बुखार पीड़ितों को इमरजेंसी में लाया गया। गंभीर हालत में उन्हें भर्ती कराया गया है। जबकि, कई की नाजुक हालत देख उन्हें सैफई के लिए रेफर किया गया है। लैब में ताला, कहां कराएं जांच

सरकार के आदेश हैं कि चौबीस घंटे सरकारी पैथोलॉजी का संचालन कराया जाए। लेकिन, जिला अस्पताल में यह आदेश ठप पड़ा है। यहां सोमवार से शनिवार को दोपहर दो बजे के बाद लैब में ताला पड़ जाता है जबकि रविवार या दूसरे अवकाशों में पैथोलॉजी का ताला खोला ही नहीं जाता। ऐसे में मरीजों को अपनी रक्त जांचों के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है। इन दिनों डेंगू का प्रकोप होने के बावजूद लैब में अनदेखी बरती जा रही है।