जासं, मैनपुरी: निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी को बर्खास्त किए जाने वाली फाइल विकास भवन स्थित जिला विकास अधिकारी कार्यालय से गायब हो गई। तमाम खोजबीन के बाद भी नहीं मिल रही है। अब इस मामले में शासन से पत्राचार और मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। वैसे, शक की सुई हाल ही में निलंबित जिला विकास अधिकारी की ओर है।

शासन ने निर्देशों की अवहेलना, उच्च अधिकारियों से विवाद और अन्य गंभीर आरोपों में जिला विकास अधिकारी प्रवीण कुमार राय को 13 जून को निलंबित किया गया। निलंबित डीडीओ पर डीआरडीए के वरिष्ठ लिपिक शिवराम के स्वजन को शासन के निर्देश के बाद भी नौकरी पर सेवायोजित नहीं करने और सुल्तानगंज ब्लाक की ग्राम पंचायत सांडा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती का निलंबन समाप्त नहीं करने जैसे कई गंभीर आरोपी थे।

विकास भवन के जानकारों का कहना है कि जिला विकास अधिकारी ने खुद के निलंबन के बाद पिछली तिथि में पंचायत घर जमीन चिन्हीकरण के मामले में इसी जनवरी से निलंबित चल रहे ग्राम विकास अधिकारी को बर्खास्त कर दिया, इसके अलावा सात और कर्मचारियों को निलंबित किया। ये कार्रवाई फाइल में खुद के निलंबन से दो दिन पुरानी तिथि में की गई।

वीडीओ को तो जांच अधिकारी की आख्या के विरुद्ध जाकर बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई। अब ग्राम विकास अधिकारी से जुड़ी फाइल जिला विकास कार्यालय से गायब बताई जा रही है। यह जानकारी होते ही कर्मचारियों में खलबली मच गई है। वहीं उच्च अधिकारी इस मामले को ग्राम विकास विभाग के अफसरों के संज्ञान में लाकर मुकदमा दर्ज कराने का मन बना चुके हैं। जांच अधिकारी पर उठाए थे सवाल

निलंबित जिला विकास अधिकारी ने निलंबित ग्राम विकास अधिकारी नरेश भारती की जांच करने वाले लघु सिचाई विभाग के सहायक अभियंता पीके अग्रवाल पर भी सवाल उठाए थे। फाइल पर डीडीओ ने यह आख्या दर्ज की थी कि निलंबित सचिव से प्रभावित होकर जांच दी है। बताते हैं कि इस मामले में भी अफसरों ने उन्हें समझाया, लेकिन जिला विकास अधिकारी निलंबित होने से पहले तक जिद पर अड़े रहे। कर्मचारियों ने लिखित में माफी मांगी

बुधवार को जिला विकास अधिकारी का चार्ज परियोजना निदेशक केके सिंह से हटाकर ग्राम विकास प्रशिक्षण संस्थान के आचार्य धीरेंद्र कुमार को दिए जाने की मांग करने वाले कर्मचारी दूसरे दिन माफी मांगने की मुद्रा में नजर आए। सभी कर्मचारियों ने सुधा मिश्रा के कहने पर पत्र पर हस्ताक्षर करने की बात स्वीकारी और भविष्य में ऐसा न करने की लिखित में माफी भी मांगी है। निलंबित ग्राम विकास अधिकारी को बाद में बर्खास्त करने से जुड़ी फाइल जिला विकास अधिकारी कार्यालय में नहीं मिल रही है, फाइल की तलाश की जा रही है। नहीं मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

-ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी।

Edited By: Jagran