जासं, मैनपुरी: बुखार से बिगड़ते हालात अब स्वास्थ्य विभाग के काबू से बाहर जाने लगे हैं। 11 नए मरीजों में फिर से डेंगू जैसे लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की धड़कनें बढ़ गई हैं। ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या आधा सैकड़ा पहुंच गई है। वहीं सामान्य और वायरल बुखार के सैकड़ों मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त प्रबंध न होने पर मजबूरी में लोगों को झोलाछाप और प्राइवेट क्लीनिक पर उपचार लेना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग बुखार से संबंधित आंकड़ों को छिपाने में जुट गया है, लेकिन स्थिति कुछ और ही हैं। स्वास्थ्य सूत्रों के अनुसार मंगलवार को 11 नए मरीजों में डेंगू बुखार जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से कुछ को तो जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है, जबकि कुछ को तीमारदार प्राइवेट क्लीनिकों पर उपचार दिला रहे हैं। इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में लोग सामान्य बुखार से ग्रसित हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण इलाकों में है। कुछ गांवों में तो घर-घर चारपाई बिछी हुई है। नगला मनी में दर्जन भर बीमार

कुसमरा नगर पंचायत के वार्ड नगला मनी में भी बुखार ने दस्तक दे दी है। मंगलवार को यहां दर्जनभर से ज्यादा लोगों को बुखार की शिकायत रही। सभी का उपचार गांव में ही एक झोलाछाप से चल रहा है। यहां सौरभ पुत्र आदेश कुमार, चंद्रशेखर, संतराम, जसकरन सिंह, गोविद, कैलाश, रंजीत, देशराज, रविद्र, ज्योति, पूजा, माधुरी, मुन्नी देवी, नीरज सहित कई मरीज अपने घरों में लेटे हैं। प्राइवेट जांच में ज्यादातर में डेंगू रिएक्टिव ही दर्शाया गया है। कस्बा में होने के बावजूद अब तक यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है। शहर से सटा जगरूपपुर भी बुखार की चपेट में

शहर के उद्दैतपुर अभई के बाद अब सटा हुआ गांव जगरूपपुर भी संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गया है। लगभग आधा सैकड़ा लोग बुखार से बीमार हैं। इनमें उर्मिला पत्नी श्रीकृष्ण, सक्षम, स्वराज सिंह, हुब्बलाल, कामिनी देवी, रीता, प्रीती, मोनू, तनु शामिल हैं। ज्यादातर का उपचार प्राइवेट क्लीनिक पर ही चल रहा है। पूरे गांव में गंदगी का अंबार है। प्रधान के स्तर से अब तक किसी भी प्रकार के प्रबंध नहीं कराए गए हैं। इसके अलावा शहर में देवी रोड, पुरानी मैनपुरी, राजीव गांधी नगर, रामलीला मैदान में भी कई घरों में बुखार के मरीज हैं। छाछा में सीएमओ ने की लोगों से बात

मंगलवार को सीएमओ डा. पीपी सिंह ने शहर से सटे गांव ललूपुर और छाछा में पहुंचकर गांवों का स्थलीय सत्यापन किया। ग्रामीणों से बात करते हुए कहा कि बुखार की असली वजह मच्छर हैं, जो गंदगी की वजह से बढ़ रहे हैं। इसकी सफाई के लिए लोगों को स्वयं ही ग्राम प्रधान पर दबाव बनाना होगा। प्रतिदिन सफाई कराने के बाद दवा का छिड़काव कराएं। उन्होंने मरीजों के बारे में भी उनके तीमारदारों से बात कर स्थिति की जानकारी जुटाई। उनके साथ प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. जेपी वर्मा और रवींद्र सिंह गौर थे।

Edited By: Jagran