जागरण संवाददाता, मैनपुरी: किसानों से मुद्दत के नाम पर हो रही वसूली के खेल पर गुरुवार को मुनादी की चोट का असर नजर आया। मंडी प्रशासन की ओर से गुरुवार को भी मुद्दत न लेने की मुनादी कराई जाती रही। जागरण द्वारा मामला उजागर किए जाने के बाद आढ़तिए भी इसे लेकर खामोश रहे। हालांकि उन्होंने एसडीएम के सामने बैंकों द्वारा अवैध रूप से लिए जा रहे टीडीएस को बंद कराने की मांग की।

मैनपुरी मंडी में किसानों को नकद भुगतान की ऐवज में कमीशन एजेंट और आढ़तिए तीन फीसद का मुद्दत टैक्स वसूल रहे हैं। नियमानुसार किसानों के भुगतान में इस तरह की कोई भी कटौती नहीं की जा सकती है। मामले को लेकर कुछ किसानों ने लखनऊ तक लिखित शिकायत भेजी है। हालांकि उस शिकायत पर अब तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। इस बीच जागरण ने यह खेल को प्रमुखता से उजागर किया। इसके बाद अब आढ़तियों में भी कार्रवाई का खौफ नजर आ रहा है। मंडी प्रशासन ने गुरुवार को मुनादी कराकर ऐसा करने वाले आढ़तियों को कार्रवाई की चेतावनी दी।

वहीं, आढ़तियों ने मंडी सभापति एसडीएएम रजनीकांत से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। आढ़तियों ने बताया की सरकार के आदेश हैं कि किसानों को होने वाले भुगतान पर बैंक टीडीएस की कटौती नहीं करेंगी। परंतु जिले में ज्यादातर बैंक दो फीसद टीडीएस काट रही हैं। ऐसे में मजबूरी में उनको किसानों से मुद्दत वसूलनी पड़ती है। वहीं माल को व्यापारियों को आगे बेचने पर केवल दो फीसद कमीशन मिलता है, यदि हम नकद भुगतान करते हैं तो व्यापारी हमारा एक फीसद पैसा काट लेते हैं। एसडीएम ने आढ़तियों को समस्या निदान का भरोसा दिलाया। मुद्दत टैक्स अवैध है। यदि किसान शिकायत करते हैं तो संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैंकों के टीडीएस वाले मामले के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।

रजनीकांत, एसडीएम एवं मंडी सभापति

बैंकों के टीडीएस काटने के कारण कुछ आढ़तिया मजबूरी में ऐसा कर रहे हैं। प्रशासन बैंकों से नियमों का पालन करा दे तो समस्या ही नहीं रहेगी।

उपदेश यादव, अध्यक्ष फूडग्रेन कमीशन एजेंट एसोसिएशन

Posted By: Jagran

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