मैनपुरी : जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दस दिनों के अंदर 815 बुखार पीड़ित मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। जिनमें से 11 लोगों की उपचार के दौरान हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। 204 मरीजों को उपचार दे पाने में अस्पताल की सुविधाएं फेल रहीं। इन सभी को सैफई के लिए रेफर किया गया।

बदलते मौसम के साथ बुखार, डायरिया और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना लगभग 200 से 250 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। इसके बाद भी मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। सोमवार को नगला पजाबा निवासी वेदपाल (70) और औंछा थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी गंगा देवी (80) की डायरिया के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। कोतवाली क्षेत्र के गांव ककरारा निवासी बिट्टी देवी (70) और जागीर निवासी रमिला देवी (43) पत्नी संतोष की सांस फूलने की वजह से मौत हो गई थी। जबकि ललूपुर निवासी बिमला देवी (65) की सीने में दर्द और बेवर थाना क्षेत्र के गावं ¨छवकरिया निवासी नरसे लाल (65) की अचानक चोट लगने के कारण मौत हो गई। मंगलवार को भी कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई थी। बीते दिनों बुखार से पांच वर्षीय विष्णु पुत्र पिंटू निवासी गांव नगरिया और रमेश चंद सक्सैना (75) निवासी नई बस्ती दवेपुरा की मौत हो गई थी। बेचैन करते आंकड़ें:

एक से 10 सितंबर तक 815 मरीज भर्ती हुए।

11 मरीजों की हुई मौत।

85 मरीजों में टायफाइड की पुष्टि।

छह मरीजों में मलेरिया की पुष्टि।

204 मरीजों को सैफई रेफर किया गया।

Posted By: Jagran