भोगांव, संसू : ट्रेनों को सरपट दौड़ाने के लिए इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिग प्रणाली को उपयोग में लाया जाएगा। नई सिस्टम से ट्रेनों का संचालन पहले से और बेहतर होगा। सिग्नल, लाइन क्लियर करने की व्यवस्था में व्यापक बदलाव नजर आएगा। इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिग सिस्टम को लगाने के लिए काम गति पकड़ने लगा है।

शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद रेल रूट पर ट्रेन परिचालन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस ट्रैक पर संचालित होने वाली ट्रेनों को चलाने की व्यवस्था आधुनिक बनाने के लिए सिग्नल सिस्टम में बदलाव के साथ ही अब पूरे ट्रैक पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिग प्रणाली को प्रभावी बनाया जाएगा। इस सिस्टम को लगाने के लिए पूरे ट्रैक पर आप्टीकल फाइबर केबल बिछाने का काम तेज कर दिया गया है। इंटरलाकिग सिस्टम में बदलाव के लिए मोटा स्टेशन पर काम अंतिम दौर में इसके बाद कोसमा और भोगांव स्टेशन पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिग सिस्टम के लिए आधुनिक मशीनों व कम्प्यूटर से चलने वाले सिस्टम को लगाया जाएगा। इस प्रक्रिया को छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सिस्टम में बदलाव के बाद सिग्नलिग, ट्रैक क्लियर करने व लूप लाइन पर ट्रेनों को डायवर्ट करने का काम खासा आसान हो जाएगा। स्टेशन मास्टर के कक्ष में नए सिस्टम स्थापित कराए जा रहे हैं। रेलवे के अधिकारी लगातार काम की निगरानी कर रहे हैं। टूंडला कंट्रोल रूम की निगरानी में काम गति पकड़ रहा है। इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिग सिस्टम से ट्रेनों का संचालन करने के लिए जरूरी उपकरण स्टेशनों पर लगाए जा रहे हैं। पूरे ट्रैक पर नई फाइबर केबिल का काम पहले चरण में पूरा कराया गया था। काम पूरा होने के बाद ट्रेनों के संचालन में स्टाफ को खासी सहूलियत मिलेगी।

अरविद कुमार यादव, एसएसई सिग्नल, टूंडला

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