जासं, मैनपुरी : त्योहारों का सीजन शुरू होने को है, लेकिन महंगाई भी बिना रुके सरपट दौड़ने लगी है। कई त्योहार नजदीक है। ऐसे में चीनी के भाव चालीस रुपये पार हो गए हैं। खाद्य तेल के दाम कुछ दिन से कम होने से राहत है। ड्राई फूट सस्ता होने से दीपोत्सव पर मिठाई बेहतर स्वाद देगी।

दीपावली पर्व से पहले ही चीनी की मिठास महंगी होने लगी थी। बीते माह 35 से 38 रुपये तक बिकने वाली चीनी फुटकर में 42 रुपये किलो बिक रही है। ऐसे में इस बार घर में मिठाई बनाना महंगा लगेगा। वैसे, खाद्य तेल और रिफाइंड के भाव आसमान पर चढ़ने के बाद कुछ नीचे आने से राहत हो रही है। बीते साल के मुकाबले सरसों तेल और रिफाइंड के दाम तो इस बार ज्यादा ही हैं। शुद्ध घी जरूर इस बार बीते साल की अपेक्षा महंगा है। रिफाइंड भी कुछ सस्ता हुआ है। इस बार जनता को खाद्य पदार्थाें पर महंगाई का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। हालांकि, डाई फूट के दाम गिरने से नागरिकों को राहत मिली है। बादाम, किसमिस, अखरोट और मखाना के भाव और कम हो गए हैं। पिस्ता भी कम भाव में हाजिर है। वस्तु- भाव अब- पहले

सरसों तेल- 175-200

रिफाइंड- 150-160

चीनी- 42-38

काजू- 800- 900

बादाम- 700-900

छुहारा- 360-300

पिस्ता- 900-1100 इस बार सरसों तेल 200 रुपये किलो के भाव तक पहुंचा था। सरकार द्वारा ड्यूटी कम करने से अब इस पर पांच से इस रुपये कम हुए हैं। आने वाले दिनों में दाम और कम हो सकते हैं। खाद्य तेल पर महंगाई की वजह वायदा कारोबार भी है।

- अजय गुप्ता, थोक व्यापारी। इस बार डाई फूट बीत साल के मुकाबले तो काफी सस्ते हो गए हैं। अफगान से भी माल की आवक होने का असर पड़ा है। मखाना अभी महंगा हैं, जबकि किशमिश पर रेट कुछ बढ़े हुए हैं।

- भगवान दयाल भन्नू, थोक व्यापारी।

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