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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शुभ दीपावली, मुहूर्त में होगा लक्ष्मी-गणेश पूजन

By JagranEdited By:
Published: Thu, 04 Nov 2021 06:00 AM (IST)

दीपावली को लेकर हर ओर उल्लास खूब बिका पूजा का सामान घर-घर में तैयारी

शुभ दीपावली, मुहूर्त में होगा लक्ष्मी-गणेश पूजन
शुभ दीपावली, मुहूर्त में होगा लक्ष्मी-गणेश पूजन

जासं, मैनपुरी: शुभ दीपावली आज है। ऐसे में हर घर में शुभ मुहूर्त पर लक्ष्मी-गणेश जी का पूजन होगा। दीपावली पर पूजन करने के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त में व्यापारी दूसरे में लोग घरों में पूजन करेंगे। स्टेशनरी बुक, शिक्षण संस्थान, फैक्ट्री, कपड़े का कारोबार, पेट्रोल पंप, लोहे, सोने और चांदी का कारोबार करने वालों के लिए दुकान पर पूजा का शुभ समय दोपहर एक बजे से लेकर शाम को 4:30 बजे तक रहेगा। वहीं, घरों में पूजा का शुभ मुहूर्त रात 8:10 बजे से लेकर रात 10:15 तक रहेगा।

ये है पूजन विधि

-पूजा स्थल पर लाल कपड़ा बिछाएं।

-नवीन गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें।

-घी का दीपक जलाएं। दीपक की संख्या 5, 11, 21 रखें।

- गणेश-लक्ष्मी का विधिवत पूजन करें।

- खील, खिलौने और मिष्ठान से भोग लगाएं। आरती करें।

- तिजोरी का भी पूजन करें और स्वास्तिक चिन्ह लगाएं।

गोवर्धन पूजन: गोवर्धन पूजन पांच नवंबर को होगा। इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा करके प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया जाता है। घरों में पूजा होती है तो अन्नकूट का भोग लगाया जाता है। इस दिन पूजा का शुभ समय दोपहर 3:02 बजे से लेकर रात आठ बजे तक रहेगा।

भाई दूज पूजन: भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाएगा। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है। दीपोत्सव का समापन भाई दूज के साथ होता है। इस दिन बहनें भाई को तिलक कर रक्षा का वचन मांगती हैं। भाई दूज पर तिलक का शुभ समय सुबह 10:30 से 11:40 बजे तक, फिर 1:24 बजे से शाम को 4:26 मिनट तक, शाम 6:02 मिनट से लेकर रात 10:05 मिनट तक रहेगा।

खूब बिकीं लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति:

सबसे ज्यादा मांग पूजन सामग्री की रही। भगवान गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों की महिलाओं द्वारा खूब खरीदारी की गई। इस बार मिट्टी की मूर्तियों के साथ प्लास्टर आफ पेरिस की बनी मूर्तियों की मांग भी सबसे ज्यादा रही। बजाजा बाजार में मूर्ति बेचने वाले अनुज ने बताया कि उनकी दुकान पर 30 रुपये से लेकर एक हजार रुपये कीमत तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं।

मोमबत्ती और दीपकों की हुई खरीदारी: दीपावली पर दीपक बहुतायत में जलाए जाते हैं। बुधवार को शहर के सभी बाजार भीड़ से पटे दिखे। मिट्टी के दीयों और मोमबत्ती की बिक्री सबसे ज्यादा हुई। इस बार डिजायनर दीयों के साथ रंग-बिरंगी मोमबत्ती लोगों को लुभाती रहीं। सुबह आठ बजे से ही दुकानदारों ने दुकानें खोल ली थीं।

डिजायनर दीपक किए पसंद:

बाजार में ठेल और फड़ से दीपक खरीदे गए। शहर में खरीदारी को निकले ग्राहकों ने डिजायनर दीपक खरीदने को प्राथमिकता दी। छोटे डिजायनर दीपक सौ रुपये सैकड़ा औैर उससे बड़े पीस के हिसाब से बिके। मध्यम और छोटे डिजायनदार दीपकों को खूब खरीदा गया। वहीं, सादा दीपकों के भाव में ही शहर में अंतर नजर आया। कहीं पर यह चालीस और कहीं पर अस्सी रुपये सैकड़ा बिकते रहे। नागरिक खरीद से पहले खूब मोल-भाव करते नजर आए। शहर के कचहरी रोड पर ठेल पर दीपक सजाकर बेचने वाले अर्जुन ने बताया कि इस बार डिजायनर दीपक ग्राहकों की पसंद है।

खिलखिला उठा कपड़ा बाजार: पर्व पर खूबसूरत दिखने की चाह ने कपड़ा बाजार की कमाई बढ़ा दी। दिन भर शोरूम के साथ दूसरी दुकानों पर कपड़ों की खरीदारी को भीड़ उमड़ी। माल में युवा खरीदारी करते रहे। युवाओं की पसंद को देखते हुए बाजार में डिजायनर कपड़ों की अलग-अलग रेंज उपलब्ध कराई गई थी। युवतियों में सबसे ज्यादा मांग स्किनी जींस और टाप की रही। इसके अलावा प्लाजो, मिडी और टाप की मांग भी सबसे ज्यादा रही। महिलाओं द्वारा पारंपरिक परिधानों को खासा तबज्जो दी गई। युवकों ने भी जींस और पारंपरिक परिधानों की सबसे ज्यादा खरीद की।

महंगी खील भी खूब बिकी:

बाजार में ग्राहकों की भीड़ होने से भी खील कम ही बिकी। 65 रुपये किलो में खरीदी खील को फड़ और दुकानदार 80 रुपये किलो में बेचते दिखे। घंटाघर के पास फड़ लगाकर खील बेचने वाले सोहिल ने बताया कि इस बार भाव बीते साल के मुकाबले बीस रुपये ज्यादा हैं। खील को बचाकर नहीं रखा जा सकता है, इसलिए अब आए भाव में भी बेच देंगे। चीनी से बने खिलौने भी खूब खरीदे गए, इस बार खिलोने का भाव बीते साल से ज्यादा ही रहा।